जयपुर । कोई गाने-बजाने तो कोई पपेट शो के जरिए वाटर हार्वेस्टिंग के बारे मे जानकारी दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर रियासतें और महान योद्धाओं के संघष्ाü की कहानी बताई जा रही थी। सभी का एक ही मैसेज था देश की विरासत को बचाना और जल संरक्षण करना। यह नजारा था जयगढ़ किले का। शुक्रवार को भवानी सिंह स्कूल जयपुर और मुंबई के आरएन पोद्दार स्कूल की ओर से जयगढ़ में मॉन्यूमेंट कंजर्वेशन और वाटर हार्वेस्टिंग विष्ाय पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मौके पर करीब एक हजार स्टूडेंट्स ने प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए देश के मॉन्यूमेंट को सुरक्षित करने के साथ ही वाटर हार्वेस्टिंग के विभिन्न तरीको के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में एसएमएस, टीपीएस सहित कई सीबीएसई स्कूल स्टूडेंट्स शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि यह एक हैरिटेज एज्युकेशन प्रोग्राम है। यह एक पहल है, जिसे सीबीएसई बोर्ड की जरूरतों के मुताबिक किया गया है। जिससे स्टूडेंट्स में देश की समृद्ध विरासत और विविधता में रूचि विकसित की जा सके। जयगढ़ किले में प्राचीन पद्धति से जल संरक्षण किया जा रहा है इसलिए कार्यक्रम का आयोजन स्थल शहर से दूर रखा गया है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री बीना काक ने कहा कि स्टूडेंट्स और टीचर्स की ओर देश के मॉन्यूमेंट को बचाने और पानी का सरंक्षण करने के लिए बहुत ही अच्छा प्रयास है।
मैसेज के साथ एंजॉय कार्यक्रम के दौरान भवानी सिंह स्कूल के छह स्टूडेंट्स के ग्रुप ने वेस्टर्न म्यूजिक बीट्स के साथ राजस्थानी गीत की शानदार परफॉर्मेस दी। "मां रेवा थारो पाणी निर्मल, कल-कल बेहतो जाए" गीत के जरिए स्टूडेंट्स ने पानी की महत्ता और संग्रहण करने की आवश्यकता को बताया। गिटार, सिंथेसाइजर और तबले की थाप पर दी गई इस परफॉर्मेस के दौरान म्यूजिक बीट्स पर स्टूडेंट्स खुद को रोक नहीं पाए और म्यूजिक के साथ ही स्टूडेंट्स ग्रुप बनाकर डांस करने लगे।
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