जयपुर। बुधवार को स्पिक मैके की ओर से सीतापुरा स्थित जेएनआईटी व मानसरोवर स्थित आईआईआईएम में कोलकाता के वरिष्ठ सरोद वादक तेजेंद्र नारायण मजूमदार का सरोद वादन हुआ। विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति और संस्कार का विस्तार करने के उद्देश्य से चल रही सीरीज के तहत उनका कार्यक्रम हुआ। इस दौरान उन्होंने जेएनआईटी में सुबह 11 बजे विद्यार्थियों के समक्ष अपना कार्यक्रम पेश किया। उन्होंने राग अहीर भैरव को अपनी प्रस्तुति का आधार बनाया। इसमें आलाप, जोड़ और झाले की प्रस्तुति में लयकारी का शानदार प्रदर्शन विद्यार्थियों पर अपनी छाप छोड़ी। मध्य लय व ताल तीन ताल में उन्होंने सरोद वादन की आकर्षक प्रस्तुति दी। इस बीच उन्होंने विद्यार्थियों को सरोद की बनावट के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने राग भटयाली को दादरा व ताल तीन ताल में सरोद पर सजाया। उनके सरोद वादन में मींड व घसीट का शानदार सामंजस्य भी दिखाई दिया।उनके साथ तबले पर दिल्ली के उस्ताद अकरम खान संगत की। सरोद सिखाना होगा कार्यक्रम के बाद मजूमदार ने प्रेसवार्ता में कहा कि सरोद जैसे कठिन साज को अगर युवा पीढ़ी को सिखाना है तो इसके लिए कलाकारों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि और साजों के मुकाबले आजकल विद्यार्थी तबला, हारमोनियम, गिटार आदि पर अपनी पकड़ बना रहे हैं। सरोद जैसे कठिन साज को उन्हें छूने में भी डर लगने लगा है। इसीलिए कलाकारों को चाहिए कि वे सरोद के शिष्यों को भी तैयार करें।
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