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Wednesday, 08 February, 2012
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सोशल एटिकेट से बनती हैं ब्यूटी क्वीन
Thursday, September 02, 2010, 10:12 hrs IST
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जयपुर। होम मेकर हो या मिस इंडिया जनरल एटिकेट्स सभी के लिए जरूरी हैं। यह ही एक ऎसी कला है जो कोई मां के पेट से नहीं सीखकर आता। आप अपनी पर्सनलिटी को ग्रूम करके आम से खास बन सकते हैं। यह कहना है एयर इंडिया और मिस इंडिया पीजेंट की एटिकेट्स और ग्रूमिंग गुरू रूखसाना ईसा का। रूखसाना बुधवार को फिक्की लेडीज ऑर्गेनाइजेशन की ओर से आयोजित बिजनेस एटिकेट्स और ग्रूमिंग सेमिनार में स्पेशल गेस्ट थीं। इस कार्यक्रम में पैलेस स्कूल की फाउंडर दिया कुमारी भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। रूखसाना ईसा ने एफएलओ की सभी लेडीज को जनरल एटिकेट्स के बारे में बताया, जिनका उनके बिजनेस और सोशल बिहेवियर पर पूरी तरह से असर पड़ता है।
मिस इंडिया बनना आसान नहीं
मिस इंडिया बनने के लिए सिर्फ चेहरे की खूबसूरती काफी नहीं है। इंडिया में अधिकतर लड़कियां सुंदर होती हैं लेकिन मिस इंडिया प्लेटफॉर्म तक बहुत कम पहुंच पाती हैं। रूखसाना कहती हैं कि मुझे अच्छी तरह याद है कि जब मिस इंडिया की कंटेस्टेंट मेरी वर्कशॉप में आती हैं तो वो बहुत नर्वस होती हैं। मेरा काम उस समय कॉन्फिडेंस डवलप करने के साथ ही उन्हें सोशल एटिकेट्स सिखाना होता है। सिर्फ रैम्प पर चलने वाली लड़कियों के लिए ही नहीं, बिजनेस वीमॅन और होममेकर्स के लिए भी एटिकेट्स सीखना जरूरी है।
पहला इम्प्रेशन चार सैकेंड में
रूखसाना कहती हैं कि हमारा लॉन्ग लास्टिंग और सबसे पहला इम्प्रेशन सिर्फ चार सैकेंड में बनता है। जब हम किसी व्यक्ति के सामने जाते हैं तो पहले चार से सात सैकेंड हमारी इमेज को पूरी तरह से डिफाइन कर देते हैं। यही वजह है कि हमें खुद इस तरह से ग्रूम करना चाहिए कि पहला इम्प्रेशन अच्छा पड़े। किसी से मिलते ही हमें उसे अच्छी मुस्कराहट के साथ वेलकम करना चाहिए। खासतौर से महिलाओं को अपनी बॉडी लैंग्वेज पर खास ध्यान देना चाहिए क्योंकि वो आधे मैसेज और बात अपनी बॉडी लैंग्वेज से ही सामने वाले को दे देती हैं।
जयपुर की लेडीज में हैं एटिकेट्स
रूखसाना कहती हैं कि जयपुर एक ऎसा शहर है जहां मान-सम्मान और आवभगत मिट्टी में बसती है। यहां की रॉयल फैमिली एटिकेट्स की मिसाल पूरे देश को देती है। साथ ही मैंने यही नोटिस किया कि यहां की महिलाएं और पुरूष दूसरे लोगों से ज्यादा तमीज वाले हैं। ऎसे शहर की आने वाले पीढ़ी को भी ये संस्कार हाउसवाइफ दे सकती हैं। यही वजह है कि घरेलू महिलाओं को रेग्युलरली खुद को ग्रूम करना चाहिए। हर रोज खुद से कॉम्पिटिशन करें और खुद को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करें। अगर महिलाएं एटिकेट्स को फॉलो करती हैं तो उन्हे सोसाइटी में ज्यादा से ज्यादा रेस्पेक्ट मिलता है।
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