जयपुर शहर के रियासतकालीन पेयजल व्यवस्था के प्रमुख स्रोत रामगढ़ में भरपूर बारिश के बावजूद भी पानी नहीं आना चिंता का विषय है। इससे पेयजल एवं सिंचाई के साथ प्रशासन के लिए भी संकट बढ़ेगा। जहां प्रदेश में सभी बांध, तालाब, एनिकट पानी से लबालब होकर ओवर फ्लो हो रहे हैं, वहीं रामगढ़ बांध में पानी नहीं होना हमारी परेशानी बढ़ाने वाला है। इसके लिए प्रशासन भी कोई कम जिम्मेदार नहीं है। समय रहते अतिक्रमण, अवरोधक आदि क्यों नहीं हटावाए गए, जिससे बांध पानी से लबालब भर जाता। लापरवाही के लिए दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि फिर ऎसी कोई गलती न हो। समय रहते बांध में पानी के आवक क्षेत्र से अतिक्रमण हटा दिए जाते और अन्य अवरोध भी हटा दिए जाते तो पानी की कमी नहीं रहती। हमारी छोटी सी लापरवाही हमारे लिए पीने के पानी का संकट बढ़ा देगी। इतनी बारिश के बावजूद भी यदि हम समुचित जल संरक्षण और संग्रहण नहीं कर सके, तो कम बारिश में तो स्थिति और भी विकट हो जाएगी। केवल चिंता करने से ही बात नहीं बनेगी, समय रहते हमें समुचित प्रबंध करने होंगे। -कृष्ण कुमार महçष्ाü, जयपुर पुस्तकों की कमी सरकार साक्षरता मिशन के तहत बच्चों को पढ़ाने पर जोर दे रही है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा और किताबें देने के ढोल पीट रही है, लेकिन दूसरी तरफ हालात कुछ और ही तस्वीर पेश कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में नए सत्र के शुरू होने के पश्चात आज तक नवमी कक्षा के छात्रों के कोर्स की पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। मजबूरीवश छात्रों को बाजार से वे पुस्तके खरीदनी पड़ रही हैं। बाजार में पुस्तक विक्रेता मनमाने दाम वसूल रहे हैं। स्कूलों में पुस्तकों की कमी के चलते दुकानदारो की चांदी हो रही है। अत: शिक्ष विभाग को तुरंत इस ओर ध्यान देते हुए स्कूलों हेतु कोर्स से संबंधित पुस्तकों की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था सुचारू चलती रहे, इस पर भी पर्याप्त रूप से ध्यान देना होगा। - राजेन्द्र गुप्ता छिन्दी, सांगानेर
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