बड़ी दुखद स्थिति है कि पहली बार दिल्ली में कॉमनवैल्थ गेम्स होने जा रहे हैं। इन्हें शुरू होने में अब दो माह से भी कम समय रह गया है, लेकिन खेलों के आयोजन की तैयारियंा पूरी नहीं हुई हैं। होंगी भी कैसे हमारे देश में नेताओं को आपस में लड़ने से फुर्सत मिले, तब तो कुछ हो भी। दूसरा भ्रष्टाचारियों ने नाक में दम कर रखी है। ये गेम्स भ्रष्टाचार और तैयारियों में देरी के कारण काफी समय से विवादों के घेरे में हैं। दुखद है कि खेलमंत्री यह बयान दे रहे हैं कि फिलहाल तो गेम्स पर ध्यान दो। बारात दरवाजे पर खड़ी है, तो स्वागत तो करना ही होगा। बाद में भ्रष्टाचार आदि की जांच कर ली जाएगी। इस पूरे वाकये के कारण हम दुनिया में हंसी के पात्र बने हैं। अब जरूरत इस बात की है कि देश की प्रतिष्ठा को आंच न आए, इसके लिए खेल सफलतापूर्वक संपन्न हों। सभी को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। - नैना रानी, आदर्श नगर छात्रसंघ चुनाव लम्बे समय के बाद छात्रसंघ चुनाव होने जा रहे हैं। इन पर लगी रोक को हटाना राज्य सरकार का प्रशंसनीय कदम है। इससे छात्रों हितों को संरक्षण मिलेगा। ये चुनाव इस दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हैं कि युवाओं को राजनीति सीखने का मौका मिलता है। सियासत को समझने के लिए ये चुनाव जरूरी हैं। इन चुनावों में छात्रों को बस इस बात का ध्यान रखना चाहिए वे स्वस्थ राजनीति को सीखें और उसी के आधार पर काम करें। चाहे वह छात्र हितों की बात हो या फिर आगे चलकर सक्रिय राजनीति में जाकर काम करने की। तभी सही मायने में इन चुनावों की सार्थकता है। - शैलेश सोमानी, मालवीय नगर
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