देश की करीब 25 करोड़ जनता को दोनों समय भोजन नहीं मिल पा रहा है। करोड़ों की संख्या में पढ़े-लिखे लोग रोजगार के लिए भटक रहे हैं। लाखों बच्चे कुपोषण से मर रहे हैं। कहीं लोग मिट्टी खाकर अपना पेट भर रहे हैं, तो कहीं घास खाकर। ऎसे में सांसदों ने अपना वेतन तीन गुना बढ़वा लिया और उस पर भी वे संतुष्ट नहीं हैं। क्या सांसदों को देश के हालात को देखते हुए ऎसा करते शर्म नहीं आती। नहीं आती है, तभी तो संसद में वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी के लिए हंगामा करते हैं। आज ऎसे संासद कम ही बचे हैं, जो गरीबों के कल्याण हेतु योजनाएं बनाने और उनकी क्रियान्विती लेकर आवाज उठाते हैं। पहले के नेता ऎसे थे, जो जनता के प्रति अपने कर्तव्यों को समझते थे। जिनके लिए आम आदमी का हित सर्वोपरि था। - घेवरचंद गोदीका, किशनपोल बाजार चीन से सतर्क भारत की सीमा पर चीन ने मिसाइलें तैनात की हैं, इस जानकारी के बाद भारत सरकार को सचेत हो जाना चाहिए। चीन विस्तारवादी नीति का देश रहा है। वह कई बार इस तरह के प्रयास कर चुका है। अब वह धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। हमारे देश के कई हिस्सों को अपना घोषित करता रहता है। उसने हमारी जमीन भी दबा रखी है। भारत की सीमा पर वह निर्माण कार्यो में भी लगा है। इसलिए सरकार को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। सीमा पर चौकसी बढ़ा देनी चाहिए और यह जता देना चाहिए कि अगर चीन ने किसी भी तरह का दुस्साहस करने की हिमाकत की, तो उसे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। यह चीन को पता होना चाहिए कि भारत किसी भी तरह से कमजोर नहीं है। - प्रहलाद जांगिड, आगरा रोड
|
|
|
|
|
|
|