सेहत के लिए घातक रयासनों से पके फलों के गोरखधंधे पर लगाम लगाने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए, अन्यथा लोगों को कई बीमारियां लग जाएंगी। मुहाना मंडी में छापे की कार्रवाई के दौरान रसायनों से फल पका रहे कई फल विक्रेताओं को रंगे हाथों पकड़ा। ऎसे लोगों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए, लेकिन जब तक व्यापक स्तर पर इसकी रोकथाम के प्रयास नहीं किए जाएंगे, तब तक इसके कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आएंगे। ऎसे रसायनों का प्रयोग केवल फलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सब्जियां और खाद्यान्न भी इससे अछूते नहीं हैं। ऎसे में आम आदमी के लिए कोई स्थान ऎसा नहीं है, जहां से उसे शुद्ध और स्वास्थ्यवर्द्धक फल, सब्जी और अनाज मिल सके। आम उपभोक्ता जब तक जागरूकता नहीं दिखाएंगे, तब तक मिलावट का यह गोरखधंधा चलता रहेगा। उपभोक्ताओं को भी संगठित होकर शुद्धता के लिए अभियान चलाना चाहिए और मिलावट करने वालों को दंडित करवाने के लिए पुरजोर प्रयास करने चाहिए। - मनीष कुमार, महावीर नगर महंगाई की मार आम आदमी महंगाई की मार से त्रस्त हैं और सरकार महंगाई से निजात दिलाने के आवश्वासन की भी तिथि आगे बढ़ाती जा रही है। पहले प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा था कि जुलाई में महंगाई पर काबू पा लिया जाएगा, लेकिन वे ही अब कह रहे हैं कि इस साल के अंत तक महंगाई की मार को झेलना ही होगा। यही नहीं, अब बयानों से लोगों को भयभीत भी किया जा रहा है कि अभी महंगाई और बढ़ेगी। आखिर, सरकार जाने-माने अर्थशास्त्री चला रहे हैं, तो महंगाई पर लगाम लगाने के सरकारी प्रयास फलीभूत क्यों नहीं हो पा रहे हैं। आम लोगों को महंगाई की मार से निजात दिलाने के प्रयास नहीं किए गए तो लोगों में आक्रोश फैल जाएगा, जो सरकार की सेहत के लिए भी फायदेमंद नहीं होगा। समय रहते सरकार को कारगर कदम उठाने चाहिए, अन्यथा खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। - सीताराम, दौसा
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