एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह बात खुलकर सामने आ गई है कि पाकिस्तान जैसा दुष्ट और दोगला देश कोई और नहीं हो सकता। खुद को भला दिखाने के लिए पहले चिल्लाता रहा कि भारत बातचीत के लिए आगे आए। पाकिस्तान उससे वार्ता कर शांति की ओर कदम बढ़ाने को उत्सुक है और अब जब वार्ता शुरू हुई, तो फिर से बकवास करने लगा। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बातचीत हुई, लेकिन उसका क्या परिणाम निकला। एसएम कृष्णा के भारत वापस आते ही वहां के विदेश मंत्री कुरैशी ने जिस तरह की आधारहीन बात कही, उससे यह साफ है कि भारत के साथ वह संबंधों को कभी सुधारना ही नहीं चाहता। कुरैशी ने कहा कि कृष्णा जिस तरह से बातचीत के दौरान फोन पर बात कर रहे थे, उससे ऎसा लगता है कि भारत बातचीत के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं था। कुरैशी को यह बात कहने से पहले यह सोच लेना चाहिए था कि अगर ऎसा होता, तो कृष्णा पाक जाते ही नहीं। भारत को पाकिस्तान के मामले में सावधानी बरत कर काम करने की जरूरत है। - नीलिमा शर्मा, दौसा बदलता मौसम पूरे विश्व में बदलते मौसम ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ के काफी भयंकर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस समय कहीं पानी बिलकुल नहीं बरस रहा है और कहीं बाढ़ आ रही है। जिस समय बरसात होनी चाहिए, उस समय गर्मी पड़ रही है और जो बरसात का मौसम नहीं है, उस समय बरसात हो रही है। अब भी दुनिया को सावचेत हो जाना चाहिए। पृथ्वी को बचाने और संरक्षित करने के उपाय करने चाहिए। -विशेष, बनीपार्क
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