घरेलू गैस सिलेंडरोें का धड़ल्ले से दुरूपयोग हो रहा है। एक तरफ जहां समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिलने से आम गैस उपभोक्ता परेशान रहता है, तो दूसरी तरफ हलवाई की दुकानों और शादी समारोहों में इनका धड़ल्ले से दुरूपयोग किया जा रहा है। इसी तरह कारों में भी इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। प्रशासन को गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए। ऎसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिले। इसके लिए गैस एजेंसियों पर लगाम कसनी होगी। जो गैस ऎजेंसियां उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं पहुंचा रही, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। - राजेंद्र गुप्ता छिंदी, सांगानेर, जयपुर
इन वादों से क्या होगा देश में विभिन्न राजनीतिक दल जनता को भ्रमित करके अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं। जनता को बांटने के लिए आरक्षण का सहारा लिया जा रहा है। अब तो धर्म आधारित आरक्षण की बात भी होने लगी है। सुशासन का वादा करने के बजाय पार्टियां मुफ्त मंगलसूत्र, लैपटॉप, साइकिल आदि देने का वादा करती हैं। जिन राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, वहां भी यही स्थिति है। कोई भी राजनीतिक पार्टी देश या प्रदेश के विकास के लिए कोई रचनात्मक योजना पेश नहीं कर रही। हां, मुफ्त में विभिन्न तरह की चीजें देने के वादे जरूर किए जा रहे हैं। - सुभाष चंद्र माहेश्वरी, कल्याण कॉलोनी, जयपुर
उद्यान बचाओ बी-2 बाईपास पर भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होने के साथ ही द्वारकादास उद्यान की रौनक खत्म होने लगी है। कभी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गो से आबाद रहने वाले इस उद्यान में अब बहुत कम लोग आ रहे हैं। वजह भारी वाहनों का आवागमन है। इससे लोगों को सड़क पार करने मे परेशानी हो रही है। फिर भारी शोरगुल और धुंआ की वजह से उद्यान में जाने का उद्देश्य ही खत्म हो जाता है। गोपालपुरा क्षेत्र के लोगों ने तो समस्या से मुक्ति पा ली, लेकिन यह समस्या अब मानसरोवर तक पहुंच गई है। अब मानसरोवरवासी इस समस्या से निजात पाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। - रविकांत माथुर, मानसरोवर, जयपुर
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