एक बार फिर राज्य में स्वाइन फ्लू अपने पैर पसार रहा है। अभी तक कई लोग इसके कारण अपनी जान गवां चुके हैं। स्वाइन फ्लू पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को अब व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने में देर नहीं करनी चाहिए। शहर के सभी अस्पतालों और दूर-दराज के इलाके के स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वाइन फ्लू की जांच और दवाइयां उपलब्ध होनी चाहिए। इसके मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड होने चाहिए, ताकि संक्रमण और न फैले। इसके अलावा स्क्रीनिंग की भी अच्छी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। सभी चिकित्सा केंद्रों में मास्क वगैरह भी लोगों को आसानी से उपलब्ध होने चाहिए। अलग से आउटडोर बना दिए जाने के बाद यह भी देखा जाए कि मरीजों के ऊपर पूरा ध्यान दिया जा रहा है या नहीं। इसके अलावा इस संक्रामक बीमारी से बचने के लिए लोगों को अपने स्तर पर भी प्रयास करने होंगे। साफ-सफाई रखकर और मास्क आदि लगाकर वे खुद को सुरिक्षत रख सकते हैं। - नीरजा जैन, चौमूं आरोपों की राजनीति हमारे देश की आने वाले समय में क्या दशा और दिशा होगी, यह चिंता और चिंतन का विषय है, क्योंकि जिस तरह की राजनीति से लोकतंत्र चलाया जा रहा है, उसे देखते हुए हम सबका बंटाधार होना ही है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से हम कैसी और क्या तरक्की करेंगे? जिन जनप्रतिनिधियों के हाथ में देश की बागडोर है, वे ही आपस में हर समस्या को लेकर लड़ते रहेंगे, तो विकास कैसे होगा? आज यही कारण है कि देश एक नहीं अनेक आतंरिक और बाहरी समस्याओं से घिरा हुआ है। आम आदमी में असंतोष बढ़ता ही जा रहा है। - विनय सक्सेना, वैशाली नगर
|
|
|
|
|
|
|