बार-बार राज्य सरकार के अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई के बाद भी अवैध निर्माण क्यों नहीं रूक रहा है? शहर के भीतर जगह-जगह अतिक्रमण कर लिया गया है। अमानीशाह के नाले में अतिक्रमण की भरमार है। नाले में बड़े स्तर पर निर्माण कार्य हो रहा है। कई जगहों पर अवैध रूप से बड़ी-बड़ी इमारतें बना ली गई हैं। इसका कारण है अतिक्रमणकारियों में प्रशासन का भय नहीं होना। भय इसलिए नहीं है, क्योंकि उन्हें पता है कि होना-जाना कुछ है नहीं। जेडीए को तो कोई परवाह है ही नहीं। फौरी तौर पर कुछ निर्माण हटाने से क्या होगा। यही वजह है कि शहर में जिसका जहां मन आता है, वह वहां अपना डेरा जमा लेता है। सरकार को इस समस्या पर गंभीरता से विचार कर ठोस नीति बनानी होगी और फिर अभियान स्तर पर अवैध निर्माण को खत्म करना होगा। - नितिन लालवानी, हीरापुरा पार्को में पौधे हमारे शहर के पार्क बिना रख रखाव के बेनूर नजर आते हैं। कई पार्क ऎसे हैं, जिनमें पौधे बहुत कम हैं। जहां हैं, उन्हें या तो आवारा पशु नष्ट कर देते हैं या फिर असामाजिक तत्व उखाड़ ले जाते हैं। कहीं ट्री गार्ड निकले पड़े हैं। संबंधित विभाग को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। जब शहर की खास जगह पर स्थित पर पार्को की इतनी मेंटेनेंस होती है, तो दूसरे पार्को की क्यों नहीं। शहर की सुंदरता तो वे भी बढ़ाते हैं। पार्क बनाए गए हैं, तो उनका रखरखाव भी जरूरी है। लोगों को भी अपने स्तर पर अपनी कॉलोनियों के पार्को का ध्यान रखना चाहिए। - नीरू शर्मा, सोडाला
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