हमारे देश में जाति, धर्म, भाषा, आरक्षण और अलगाववाद के नाम पर जो हो रहा है, वह बहुत घातक है। इसकी वजह राजनेता और राजनीति है। असल में राजनीति दूषित होती जा रही है। सत्ता पर किसी भी तरह से काबिज होना राजनीतिक दलों का लक्ष्य रह गया है। इसके लिए वे लोगों को बांटने से भी गुरेज नहीं कर रहे। आरक्षण की रेवडियां बांटकर लोगों में असंतोष को हवा दे रहे हैं। जाति और धर्म के आधार पर राजनीति के जरिए लोगों को बांटा जा रहा है और अपना वोट बैंक मजबूत किया जा रहा है। अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक वर्ग बनाए गए हैं, ताकि अल्पसंख्यकों में भय पैदा कर उनसे वोट बटोरे जा सकें। नेताओं को समझना चाहिए और लोगों को बांटने वाली राजनीति नहीं करनी चाहिए। - कृपा शंकर तिवारी, जवाहर नगर, जयपुर
बेरोजगारी की समस्या देश में जिस तरह से बेरोजगारी बढ़ रही है, उससे चिंता होना स्वाभाविक है। विडम्बना यह है कि केन्द्र और राज्य सरकारें इस तरफ बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रहीं। कुछ सरकारी नौकरियों के लिए विज्ञापन जारी करने से बेरोजगारी दूर नहीं होने वाली है। युवा शक्ति को काम दिए बगैर देश का विकास संभव नहीं है। बेरोजगार युवा गुमराह भी हो जाते हैं। इसलिए सरकार और समाज को युवाओं को रोजगार दिलाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इसके लिए उद्योग धंधों को बढ़ावा देना होगा और जो लोग अपना काम करना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए मदद देनी होगी। तभी देश की तस्वीर बदलेगी। - रविकांत, अजमेर रोड, जयपुर
बी टू बाईपास तमाम विरोध के बावजूद बी टू बाईपास शुरू हो गया है। इससे गोपालपुरा क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन मानसरोवर के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। एसएफएस और अग्रवाल फार्म के निवासी ज्यादा परेशान हैं। स्वच्छ वायु के लिए लोग द्वारकादास पार्क में जाते थे। अब वाहनों के धुएं और घड़घड़ाहट से वहां के प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। ऎसे में इस पार्क का उजड़ना तय है। ऎसा लगता है कि इस पार्क को किसी की नजर लग गई। - राजकुमार शर्मा, अग्रवाल फार्म, जयपुर
|
|
|
|
|
|
|