जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में 100 सीसी तक के दुपहिया वाहन और ढाई लाख तक की कारों पर विशेष मेहरबानी दिखाई है। 100 सीसी तक के वाहनों पर एकबारीय कर 5 से घटाकर 4 फीसदी और ढाई लाख तक की कारों पर 4 फीसदी से घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दिया है। इससे मारूति-800, ओमनी पांच सीटर, अल्टो स्टैंडर्ड और टाटा नैनो सस्ती होगी। मारूति 3000 से 3200 और नैनो 1900 से 2800 और अल्टो स्टैंडर्ड मॉडल 3500 रूपए सस्ता होगा वहीं 100सीसी तक के दुपहिया वाहन 300 से 400 रूपए सस्ते होंगे। सरकार ने 100सीसी से नीचे के दुपहिया वाहनों पर रोड टैक्स घटाकर 70 फीसदी वाहन खरीदने वालों को फायदा पहुंचाया है।
बड़ी कारें महंगी
सरकार ने ढाई लाख से ऊपर की कीमत वाली कारों के एकबारीय टैक्स में बढ़ोतरी कर बड़ी कारें महंगी कर दी हैं। बजट में एकबारीय कर के छह स्लैब से घटाकर चार स्लैब कर दिए गए हैं। नए स्लैब के अनुसार ढाई से 6 लाख पर 5 फीसदी, 6 से 10 लाख पर 8 फीसदी और 10 लाख से ऊपर 10 फीसदी एकबारीय कर दर निर्घारित की है। जबकि बड़ी कारें और महंगी हो जाएंगी। एक्साइज ड्यूटी के बाद टैक्स में और बढ़ोतरी होने से कारों की मांग घटेगी।
राज्य में वाहन ज्यादा महंगे
बजट के बाद राज्य में रोड टैक्स की दरें 4-10 प्रतिशत हो गई हैं, जबकि हरियाणा और दिल्ली में दो से तीन फीसदी रोड टैक्स है। राज्य में वाहनों पर 14 फीसदी वैट वसूला जाता है, जबकि वहां पर 12.5 फीसदी वैट है। राज्य में एक फीसदी इंट्री टैक्स भी लगता है, जो वहां नहीं लगता है। इस प्रकार राज्य में दिल्ली व हरियाणा की तुलना में वाहन 5-6 फीसदी महंगा पड़ता है।
कार कीमतों में बढ़ोतरी
अल्टो 2700-2900 जेन एस्टिलो 5000-5850 वैगन आर 4900-6800 ए स्टार 5100-6400 एसएक्स-4 10,500-13,500 सेंट्रो 3000-4000 सोनाटा 59,000-68,000 इंडिका 2800-3000
एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी के बाद राज्य सरकार ने टैक्स में बढ़ोतरी कर दी। इससे आने वाले दिनों में वाहनों की मांग में कमी आएगी।कैलाश जैन, जीएम सेल्स, प्रेम मोटर्स
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, फ्रेट कोरिडोर संबंधी घोषणाओं से राज्य में निवेश को आकर्षित करने में सहायता मिलेगी।आत्माराम गुप्ता, अध्यक्ष, फोर्टी
बजट में थिनर एवं पेंट उद्योग को कोई राहत नहीं दी गई है। अन्य उद्योगों की तरह इस उद्योग पर भी वैट कर 14 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत होना चाहिए था।प्रेम भाटिया, अध्यक्ष, ऑल राजस्थान पेंट एसोसिएशन
व्यापारियों की चांदी
जयपुर। बजट में व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। इसमें व्यापारियों के लिए टैक्स प्रक्रिया को सरल किया गया है। अब वैट 10-ए फार्म भरना आसान होगा। व्यापारियों को चालान और दो दस्तावेज समेत तीन ही डॉक्यूमेंट जमा कराने होंगे, जबकि पहले इस तरह के नौ डॉक्यूमेंट जमा किए जाते थे। इससे 70 हजार व्यापारियों को राहत मिलेगी।
ऑडिट भरने वालों को राहत
ऑडिट फाइल करने वाले व्यापारियों के लिए 10 ए फार्म समाप्त किया गया है, जिससे बड़े व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी। इससे पूर्व ऑडिट वालों को 20 पन्नों का 10 ए फार्म भी भरना पड़ता था। वर्ष 2006-07 में जिन व्यापारियों पर ऑडिट रिपोर्ट विलंभ से दाखिल करने की पैनल्टी लगी थी, उसे समाप्त किया गया है।
पांच लाख तक ई-रिटर्न जरूरी
राज्य के बजट में ई-रिटर्न भरने वालों को 15 दिन ज्यादा का समय दिया जाने व 10 लाख की अनिवार्यता घटाकर 5 लाख करने की घोषणा की गई है। बजट में व्यापारियों का रिफंड अब सीधा खाते में जमा कराने की घोषणा की गई।
आठ आइटम्स पर वैट-47 समाप्त
बजट में इस बार बाहर से आने वाले आठ आइटमों पर लगने वाले वैट-47 फॉर्म की अनिवार्यता समाप्त की गई है। इससे पूर्व इन आइटमों को मंगवाने के लिए सेल्स टैक्स में यह फार्म देने पड़ता था। ये आठ आइटम हैं, गुड़, माचिस, सीमेंट से बने उत्पाद, पटाखे, अखाद्य तेल, फोटोग्राफी का सामान, ऑडियो-वीडियो कैसेट्स, सीडी आदि।
दस लाख तक पंजीकरण नहीं
बजट में छोटे व्यापारियों को पंजीकरण में राहत दी गई है। सीएम ने पंजीकरण की 5 लाख तक की कारोबारी सीमा को बढ़ाकर दस लाख रूपए कर दिया है। अब दस लाख तक के कारोबार वाले को रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता नहीं होगी।
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