मुंबई। अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की रिलायंस कम्यूनिकेशंस और जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच हुआ टावर सौदा विफल हो गया है। जिसमें पूंजी बाजार में दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। रिलायंस कम्युनिकेशंस अपना टावर कारोबार जीटीएल इंफ्रा को बेचकर अपने कर्जों में 50 फीसदी कमी करने की तैयारी में थी, लेकिन सौदे की कुछ खास शर्तो पर आमसहमति नहीं बन पाने के कारण यह योजना विफल हो गई है।
सौदे को लेकर जीटीएल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उसके और आरकॉम के बीच टावर सौदे की लिखित अबाध्यकारी शर्तो की समयावधि 31 अगस्त को समाप्त हो गई थी। लेकिन इसके बाद दोनों पक्षों ने न तो इसकी समय सीमा बढ़ाने का कोई समझौता किया और न ही प्रस्तावित सौदे के लिए कोई नई शर्तोü पर रजामंदी के लिए तैयार हुए लिहाजा इसे खत्म होना ही था।
उधर रिलायसं कम्युनिकेशंस के प्रवक्ता ने सौदा टूट जाने के कारणों का खुलासा किए बगैर सिर्फ इतना कहा है कि जीटीएल के साथ अबाध्यकारी शर्ताें की अवधि खत्म हो जाने के साथ ही कंपनी अब अपना टावर कारोबार बेचने के लिए अन्य कंपनियों से बातचीत की तैयारी कर रही है और इस बारे में उचित समय आने पर सौदे का खुलासा किया जाएगा।
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