मुंबई। अमेरिका में बेहतर रोजगार आकंड़ों से उत्साहित विदेशी शेयर बाजारों का रूख करते हुए घरेलू शेयर बाजार ने भी सोमवार को सरपट दौड़ लगाई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 31 माह के रिकॉर्ड स्तर को छूने के साथ 18560.05 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 5576.95 अंक के स्तर पर जा पहुंचा। सेंसेक्स इससे पहले 5 फरवरी, 2008 को इस स्तर पर पहुंचा था।
बीएसई का सफर रियलटी, तेल एवं गैस, आईटी, ऑटो और बैंकिंग के शेयरों में लिवाली का जोर रहा, जिससे बाजार धारणा मजबूत हुई। सेंसेक्स में कारोबार की शुरूआत तकरीबन 100 अंकों की गिरावट के साथ 18124.29 अंक पर हुई। यही इसका न्यूनतम स्तर भी रहा।
बीच कारोबार में यह समय 18600.30 अंक के उच्चतम स्तर तक जाकर आखिर में पिछले कारोबारी दिवस के 18221.43 अंक के मुकाबले 338.62 अंक यानी 1.86 फीसदी चढ़कर 18560.05 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी में कारोबार 5479.55 अंक पर सपाट शुरू हुआ और बाद में यह 97.55 अंक उठकर 5576.95 अंक पर बंद हुआ।
सभी सूचकांकों में तेजी मिडकैप 102.70 अंक की बढ़त के साथ 7961.81 अंक पर और स्मालकैप 181.88 अंक की तेजी के साथ 10094.52 अंक पर रहा। बीएसई में कुल 3076 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिसमें से 2072 मुनाफे में और 881 नुकसान में रहे, जबकि बाकी 123 में कोई बदलाव नहीं देखा गया।
50 फीसदी गैर संस्थापन पूंजी को डीमेट में लाना होगा शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं निविमय बोर्ड (सेबी) ने कहा है कि सभी सूचीबद्ध कंपनियों को अपनी गैर संस्थापन पूंजी के 50 प्रतिशत हिस्से को 31 अक्टूबर तक डीमेट खाते में लाना होगा। सेबी ने सोमवार को यहां जारी परिपत्र में कहा है कि 31 अक्टूबर तक इन दिशा निर्देशों को नहीं मानने वाली कंपनियां वायदा कारोबार नहीं कर पाएंगी।
उन्हें केवल "ट्रेड टू ट्रेड" श्रेणी में कारोबार करना होगा। इस श्रेणी में किए गए कारोबार में उसी दिन शेयरों की डिलीवरी देनी होती है। सेबी ने कहा है कि ट्रेड टू ट्रेड के तहत पहले 10 दिन में केवल विलय, पूंजी कटौती और कॉरपोरेट रिण का पुनर्गठन आदि का कारोबार किया जा सकेगा। सेबी ने कहा कि अगर 31 अक्टूबर तक कंपनियां इस शर्त को पूरा करने में नाकाम रहती है तो पहले दस दिन प्राइस बैंड पर ट्रेड टू ट्रेड श्रेणी में कारोबार किया जा सकेगा।
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