नई दिल्ली । एक साल से अंकों में बनी रही देश की खाद्य महंगाई दर 17 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में पहली बार इकाई में दर्ज की गई है। इस सप्ताह में यह मुद्रास्फीति घटकर 9.67 प्रतिशत हो गई है, जो कि इससे पहले के सप्ताह में 12.47 प्रतिशत रही थी। इस साल ज्यादातर समय खाद्य पदार्थो की महंगाई दर 16 प्रतिशत के ऊपर बनी रही है। जून महीने में यह गिरकर 13 प्रतिशत हो गई थी।
गुरूवार को जारी हुए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक खाद्य महंगाई दर में यह कमी सब्जियों खासकर आलू और प्याज के दामों में कमी के चलते हुई है। सरकार के पेट्रोल, डीजल, केरोसीन और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि के जून में किए गए निर्णय के चलते ईंधन सूचकांक में 14.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्राथमिक वस्तुओं के सूचकांक में पिछले साल के इसी सप्ताह की तुलना में 14.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले सप्ताह इसमें 16.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
जून महीने में सभी क्षेत्रों की कुल महंगाई दर 10.55 प्रतिशत रही थी। इस सप्ताह की शुरूआत में भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई दर में कमी के लिए अपनी प्रमुख ब्याज दरों में वृद्धि की थी और यह संकेत दिया था कि महंगाई दर की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने तक वह मौद्रिक सख्ती जारी रख सकता है।
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