मेरी और मेरे पति की वर्किग शिफ्ट अलग-अलग है। लिहाजा सिर्फ वीकेंड पर ही हमें एक-दूसरे के लिए समय मिल पाता है। ऎसे में हमारी वैवाहिक खुशियां प्रभावित हो रही हैं। मैं क्या करूं? बातचीत होती रहे अगर आप दोनों ही अपना-अपना जॉब नहीं छोड़ना चाह रहे हैं तो जरूरी है कि जितना संभव हो सके एक-दूसरे के संपर्क में रहें। छोटी-छोटी बातों से एकदूसरे से जुडे रहें। टीब्रेक पर एक-दूसरे को मैसेज करें या मेल कर दें। लंच लेने से पहले एक बार बात कर लें। संभव हो सके तो बीच-बीच में ऑनलाइन हो जाएं। बस इतना ध्यान रखें कि इससे आपका काम प्रभावित न हो। छोटी-छोटी बातें रिश्ते में दूरियां लाती हैं तो छोटी-छोटी बातें आपको एक-दूसरे के करीब भी ला सकती हैं। वीकेंड पर एक-दूजे के साथ वक्त बिताने के लिए आपको वीकेंड ही मिलता है। कोशिश करें कि पूरे समय आप एक-दूसरे के साथ रहें। घर के कामकाज करने हैं तो वो भी एकसाथ करें, बीच में थोड़ी मस्ती भी। साथ बिताएं बीते लम्हों को याद करें साथ ही इस वीकेंड के बीत जाने से पहले अगला वीकेंड प्लान कर लें। एक-दूसरे लिए हमेशा प्रस्तुत अगर आपका पार्टनर काम के दबाव के चलते भावनात्मक रूप से असुरक्षित महसूस करें तो उनके पास जाएं। ऎसे में अपनी जरूरतों पर ध्यान देने की बजाय आप अपने साथी की जरूरतों का पहले खयाल रखें, उसे अभी आपके सपोर्ट की जरूरत है। उन्हें भी ऎसा ही करने के लिए प्रोत्साहित करें कि ताकि जब आपको इमोशनल सपोर्ट की जरूरत हो, वह आपके साथ हों। बी क्रिएटिव अपनी उन फ्रेंड्स से बात करें जिनके हालात भी आप जैसे ही हों और वह कुछ रचानात्मक समाधान सुझाती हों। दिमाग को खुला रखें ताकि छोटी-छोटी चीजें भी इसमें समा सकें जो कि आपके रिश्ते की ऊर्जा को बरकरार रख सकती हैं। क्रिएटिव रहेंगी तो हर चीज का चार्म बना रहेगा।
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