Daily News
Wednesday, 08 February, 2012
 |   |   |   |   |   |   |   |   |   |   | 
बढ़ा दें जिंदगी आगे
Wednesday, September 01, 2010, 10:04 hrs IST
Email Print Comment min  max | Bookmark and Share
Left
Body N Soul
Left
उमड़ते मेघ अपने साथ लाएं हैं पेड़-पौधों के लिए अमृत। यही वह समय है जब पेड़-पौधे वृद्धि करते हैं। जड़ों में अतिरिक्त वृद्धि होती है और नए पौधे बनते हैं, इन्हीं दिनों हम भी कटिंग यानि कलम लगाकर गुलाब, हैज जैसे झाड़ी प्रजाति के पौधों की संख्या बढ़ा सकते हैं। क्योंकि झाड़ी प्रजाति के पौधों के लिए यह सबसे अनुकूल समय होता है जब कलमों में फुटाव शीघ्र होता है। विनियर ग्राफ्टिंग के लिए भी समय अनुकूल है।
एक और यह समय कुछ पौधों के लिए वरदान बनकर आता है तो कुछ के लिए परेशानियों का सबब बनकर भी। थोड़ी सी सावधानी व जागरूकता से परेशानी से निजात पाई जा सकती है...
कैक्टस व सकुलेंट
कैक्टस व सकुलेंट प्रजाति के पौधों को पानी कम चाहिए, ज्यादा पानी से जड़ों के गलने की अधिक संभावना होती है। यूफोरबिया, इचेवेरिया, लिथोपस, गाइनोकेलिसम के अलावा जरबेरा, जिरेनियम, कारनेशन किस्म के पौधों में पानी इकट्ठा न होने दें। इसलिए इन पौधों के गमलों को बारिश के समय बरामदे, बालकनी में ऎसी जगह पर रख दें जहां इनका बचाव हो सके।
गमलों को तो उठाकर इधर-उधर रखा जा सकता है लेकिन क्यारियों में लगे पौधों की सुरक्षा के लिए क्या करेंगे? इनके लिए उपाय है कि क्यारियों की व्यवस्था इस तरह करें कि एक ओर ढलान कर दिया जाए ताकि बारिश का पानी बहकर निकल जाए और जड़ें सुरक्षित रहें।
लॉन की देखभाल
नई लॉन लगाने का यह अच्छा समय है। सावन की रिमझिम बारिश घास पनपने के लिए उपयुक्त है किंतु पानी की अधिकता इसे गला भी देती है, घास की पत्तियां गलकर भूरी व फिर काली पड़ जाती हैं। विशेषकर कारपेट किस्म की नाजुक घास। इनकी सुरक्षा के लिए धूप सुनिनिश्चत करें। धूप लॉन के लिए आवश्यक है अत: प्रयास करें कि सावन में जितनी धूप अधिक मिल सके बेहतर होगा। इसके लिए संभव हो तो बड़े पेड़ हटा दें या उनकी छंटनी कर दें।
इससे आवश्यक धूप लॉन को मिल सकेगी। इसके अलावा घास की जल्दी कटिंग करवाएं और घास को नीची रखें यानी थोड़ी गहरी कटिंग कराएं ताकि घास नीचे से गलने से बचेगी और वृद्धि चौड़ाई में हो सकेगी।
निराई-गुड़ाई
इस समय जंगली घास जंगली पौधे और खरपतवार निकल आते हैं इन्हें समय पर नहीं निकाला जाए तो जंगली घास स्थाई रूप से आपके सुंदर लॉन में जड़ें जमा लेती हैं। पुरानी जंगली घास को आप कितना ही उखाड़ते रहें फिर उसी जगह उग ही आती है। इसका कारण है, जंगली घास चौड़ाई में फैलती है और साधारण घास से मोटी होती है। इस समय बीजों के फैलने से उग जाती है और आपके लॉन की घास की जड़ों के ऊपर अपनी जगह जमाती है। अत: आप लॉन में खरपतवार को तुरंत हटाएं। तेज खाद विशेषकर रासायनिक खाद देने से बचें।
रोग व कीट पतंगों से बचाव
वर्षाऋतु में पौधों पर बेलों पर, पेड़ों पर कीट पतंगों का प्रकोप हो जाता है। नाजुक पौधों पर विशेषकर गुलाब जैसे पौधों पर इनके पत्ते कटे गोल आकार में दिखते हैं जिन्हें कीट खा चुके होते हैं। इसी प्रकार कुछ पौधे काले होकर मर जाते हैं इन पर फंगल इन्फेक्शन हो चुका होता है। इनसे बचाव के लिए रोगोर, वेबेस्टीन, नुवान, (कानटेक्ट) मैलाथियान (सिस्टमेटिक) जैसी दवाओं का 10-15 दिन के अंतराल पर स्पे्र अवश्य करें। यह ध्यान रखें कि बरसते पानी में या बारिश की आशंका हो तो स्प्रे न करें। स्प्रे कम से कम चार-पांच घंटे पत्तों पर जरूर रहना चाहिए।
More Stories Top News
body n soul news 1 करती 11 बातें
body n soul news झिझक को कहें अलविदा
body n soul news वल्ला!! केमिकल लोचा है लव तो
body n soul news उम्र बरस के सफेद हो गई
body n soul news रूसी रूठे तो बात बने
body n soul news 103 से 59 किलो पर कैसे पहुंची कल्ली
body n soul news बॉस को बोलें यस
body n soul news फोटोज में लगे झक्कास
body n soul news रोग भी देते हैं सरसों के फूल
body n soul news एक थी रानी
Copyright © Daily News. All rights reserved.