जयपुर । अब गरीबों और भिखारियों को भी छत व रोजगार नसीब होगा। उन्हें पक्के मकान उपलब्ध होंगे, जहां उन्हें रहने के साथ-साथ मुफ्त भोजन भी मिलेगा। इसके लिए स्थानीय निकाय निदेशालय (डीएलबी) ने "शेल्टर पॉलिसी" का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसे मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा गया है।
डीएलबी ने खाली पड़ी सरकारी बिçल्ंडगों में गरीबों और भिखारियों के रहने के लिए यह प्रारूप तैयार किया है। इसके तहत खाली व जर्जर पड़ी सरकारी बिçल्ंडगों का चिह्निकरण किया जाएगा। इसके बाद बिçल्ंडगों का रिनोवेशन कराकर यहां गरीबों और भिखारियों को रहने के लिए जगह दी जाएगी। रहने के साथ-साथ बिस्तर और भोजन की भी नि:शुल्क व्यवस्था होगी। भिखारियों की पहचान के लिए आई कार्ड की भी सुविधा उपलब्ध होगी। अगर कोई पैसेंजर भी यहां रूकना चाहता है तो उसे भी रहने की जगह दी जाएगी।
नरेगा में रोजगार
एक निश्चित समय के लिए इन लोगों को यहां पर रखा जाएगा। इसके बाद इन्हें आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जाएगा। इसके तहत नरेगा या सरकार की अन्य योजनाओं में इन्हें रोजगार दिलाया जाएगा।
समय होगा निर्धारित
इन जगहों पर गरीबों और भिखारियों के आने-जाने का समय भी निर्धारित किया जाएगा। साथ ही सरकारी इमारतों में रहने का समय भी तय होगा। यह काम राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद तय होगा।
सरकार को शेल्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद सरकार इमारतों का चिह्निकरण कर रिनोवेशन का काम शुरू कर देगी।जोगाराम, निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय
|
|
|
|
|
|
|