जयपुर । सहकारिता विभाग के डिप्टी रजिस्ट्रार (प्रशासन) को निकाय चुनाव के कारण लगी आचार संहिता में एक अधिकारी का तबादला करना महंगा पड़ गया। निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में डिप्टी रजिस्ट्रार को नोटिस भेजकर सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
आयोग की ओर से भेजे नोटिस में कहा गया है कि आचार संहिता लागू होने के बाद भी उन्होंने सहकारी विभाग में कार्यरत समरथलाल मीणा का तबादला भरतपुर से दौसा में कार्यालय सहायक के पद पर कर दिया।
आयोग को ना तो इस बात की जानकारी दी और ना ही इस बारे में अनुमति ली गई। आयोग के ध्यान में यह मामला उस समय आया जब इस अधिकारी के रिलीव करने के बारे में पूछा गया। आयोग ने इस पर डिप्टी रजिस्ट्रार को ही नोटिस भेज दिया और तबादला करने पर स्पष्टीकरण मांग लिया।
शिक्षकों के तबादलों पर कोर्ट ने मांगा जवाब
जयपुर। हाईकोर्ट ने जनगणना में लगे शिक्षकों के ट्रांसफर के मामले में केंद्र व राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायाधीश अजय रस्तोगी ने केंद्रीय गृह सचिव, राज्य के मुख्य सचिव, प्रमुख शिक्षा सचिव, प्रारिम्भक शिक्षा सचिव व जिला जनगणना अधिकारी से जवाब-तलब किया है। सीकर के गणपत सिंह व कुंदनमल ने अधिवक्ता अनूप ढंढ ने कोर्ट को बताया कि जनगणना नियमों के तहत ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का तबादला जिला जनगणना अधिकारी की सहमति के बिना नहीं किया जा सकता। इस संबंध में केंद्र व सीएस के निर्देश के बावजूद 20 जून को शिक्षकों के तबादले कर दिए।
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