जयपुर । फर्जीवाड़ा कर जमीन खरीदने के आरोप में फंसे डीजी एमके देव राजन को सीबीआई ने क्लीनचिट दे दी। सीबीआई ने मामले में जमीन के मूल काश्तकार और दलाल को फर्जीवाड़ा कर दो अलग अलग लोगों बेचान करने का दोषी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई दिल्ली की टीम ने शुक्रवार को मामले में दोनों आरोपियों को सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेश कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
सीबीआई की दिल्ली से आई टीम के डीएसपी एनके पाठक ने शुक्रवार को जयपुर में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई मामले) कोर्ट में इस मामले में दो चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में आरोपी बनाए गए खो नागोरियान, मालवीय नगर जयपुर निवासी राधेश्याम शर्मा और उसके भतीजे सुरेश कुमार शर्मा को भी गिरफ्तार कर पेश किया गया। सीबीआई की चार्जशीट स्वीकार कर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
राज. पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं
सीबीआई ने शुक्रवार को जब कोर्ट में चार्जशीट पेश की तो डेली न्यूज ने मामले में डीजी एमके देव राजन से सवाल किया कि हाईकोर्ट से मामले की सीबीआई जांच का अनुरोध करने के पीछे क्या वहज है। इस पर डीजी ने कहा कि उन्हें राजस्थान पुलिस की जांच प्रणाली पर विश्वास नहीं है। निष्पक्ष जांच की आस में उन्होंने सीबीआई से जांच का अनुरोध किया था।
अब सरकार क्या करेगी डीजी का
मामले की सीबीआई जांच के आदेश देते समय हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए थे कि जब तक जांच चले एमके देव राजन को डीजी एसीबी के पद से हटाकर उसके समानांतर ही किसी अन्य पद पर लगा दिया जाए जहां से उनके द्वारा अपने प्रभाव से जांच प्रभावित किए जाने की आशंका न हो। इस पर सरकार ने उन्हें सीएमडी राजसिको के पद पर लगा दिया था। अब सीबीआई जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश कर चुकी है और देवराजन को मामले में क्लीन चिट दे चुकी है, ऎसे में देखने की बात यह है कि सरकार अब उन्हें किस पद पर लगाती है।
जमीन पर देवराजन का है कब्जा
जमीन पर फर्जी तरीके से कब्जा करने के परिवारद के बाद देवराजन के खिलाफ चल रहे सिविल केस और सीबीआई जांच के बावजूद उक्त जमीन पर अभी तक उन्हीं का कब्जा है। सीबीआई ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है, अब कोर्ट से सिविल केस में उनको न्याय की उम्मीद है।
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