उदयपुर । केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री एवं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने शुक्रवार को सार्वजनिक मंच से यह अहसास करवा दिया कि अब वे प्रदेश कांग्रेस में किसी के फोलोअर नहीं, बल्कि उनकी कद्दावर नेता की हैसियत है। उन्होंने कहा कि "पहले मैं अशोक जी गहलोत का फॉलोअर हुआ करता था, लेकिन अब नहीं हूं। अब मैं कॉलोब्रेटर हूं। अब मुझे भी सरकार के नीतिगत मामलों को तैयार करने का हक है।"
जोशी ने शुक्रवार को मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय में अपने सम्मान में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष यह बात कही। उन्होंने कहा कि "पहले अशोकजी पीसीसी के अध्यक्ष थे और मैं महासचिव। तब मैं उनका फोलोअर था, लेकिन अब मैं फोलोअर नहीं हूं। अब मैं कॉलोब्रेटर हूं। अब मुझे भी सरकार के नीतिगत मामलों को तैयार करने का हक है। अशोकजी खांटी पॉलिटीशियन हैं। इनको पता है कि कहां जाना है और कहां नहीं। मुझे पता था आप मेरे कार्यक्रम में जरूर आएंगे।"
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. गिरिजा व्यास ने कहा कि सीपी के रूखेपन में छिपी सरलता और दूरदृष्टि बेमिसाल है। पहले सीपी, फिर सीपीजी ,फिर सीपी जोशी, अब मंत्री सीपी साहब, तक का जो सफर उन्होंने तय किया है, वह मेवाड़ के लिए गर्व की बात है। पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि वे सीपी के गुणों, ईमानदारी और कर्मठता को बहुत पसंद करते हैं। उनकी ऊंचाई से मेवाड़ का मान बढ़ा है। इस पर गृहमंत्री शांतिलाल धारीवाल चुटकी लेने में नहीं चूके। उन्होंने कहा "कटारियाजी ने जो यहां कहा है वे उसे चुनाव के दौरान भी बोलते रहें और गिरिजाजी ने जो कहा है उस पर वो कायम रहें।"
धारीवाल के इन सुझावों से सदन में हंसी का फव्वारा छूट पड़ा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी नहीं चूके और बोल पड़े कि सीपी को जन्मदिन मनाना अच्छा नहीं लगता है। इनकी अलग ही वर्किग स्टाइल है, जिसमें गरीबों की पीड़ा दूर करने की भावना छिपी है।
|
|
|
|
|
|
|