जयपुर। अपनी प्रेमिका के साथ दूसरे आशिक को रंगरेलियां मनाते देखा तो गुस्साए युवक ने आशिक का गला घोंट दिया। हत्या के बाद प्रेमी-प्रेमिका ने मिलकर शव जवाहर नगर कच्ची बस्ती, टीला नंबर एक पर पहाड़ की तलहटी में दबा दिया। इसका खुलासा मंगलवार को छह दिन बाद हुआ जब आवारा कुत्तों ने शव को बाहर निकाल लिया।
शव की शिनाख्त और पड़ताल के बाद पुलिस ने प्रेमी-प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया। जवाहर नगर थाना पुलिस को मंगलवार दोपहर टीला नंबर 1 पर पहाड़ी की तलहटी में एक गड्ढे में किसी व्यक्ति का शव दबा होने की सूचना मिली। कुत्तों ने मिट्टी खोदकर शव का एक हाथ बाहर निकाल लिया था।
पुलिस ने शव को स्थानीय लोगों की मदद से गड्ढे से बाहर निकाला। इस सनसनी के फैलते ही वहां काफी भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ में मौजूद धोबियों का मोड़ आदर्श नगर निवासी महिला शशि ने शव की पहचान अपने पति कृष्णकांत शर्मा (44) के रूप में की। स्थानीय लोगों ने बताया कि कृष्णकांत को अंतिम बार टीला नंबर एक निवासी महिला लीला देवी के घर देखा था।
इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच का रूख लीला की ओर मोड़ दिया। पुलिस पूछताछ में लीला ने अपने प्रेमी मुकेश गुर्जर के साथ मिलकर कृष्णकांत की हत्या करना कबूल लिया। पुलिस ने मुकेश गुर्जर और लीली को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
प्रेम, आक्रोश और जुर्म की कहानी मुकेश-लीला से अलग-अलग पूछताछ में सच्चाई सामने आई। लीला 3 बच्चों की मां है। उसका पति जोधपुर रहता है। लीला तंत्र क्रिया से व्याधि ठीक करने का झांसा देकर लोगों को बेवकूफ बनाती है। कृष्णकांत भी उसके जाल में फंस गया। घर आने-जाने का सिलसिला आपसी संबंधों में बदल गया। 21 जुलाई रात को कृष्णकांत ने लीला को फोन किया कि मेरे पास एक सिद्ध माला आई है, आप इसकी पहचान करें। इस पर लीला ने उसे घर बुला लिया। कृष्णकांत करीब साढ़े दस बजे लीला के घर पहुंचा।
इधर मुकेश ने कृष्ण को आते देख लिया। अपनी प्रेमिका के घर देर रात किसी अपरिचित के आने पर उसे संदेह हुआ। कुछ देर बाद वह भी लीला के घर पहुंच गया। कमरे का गेट बंद पाकर मुकेश ने लात मारकर गेट तोड़ दिया, जहां दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे। यह देखकर गुस्साए मुकेश ने कृष्णकांत की गला दबाकर हत्या कर दी और लीला के साथ मिलकर उसे बोरे में डालकर टीला नंबर-1 के पास ले करीब डेढ़ फुट गहरा गbा खोदकर दबा दिया था। मंगलवार को छह दिन बाद घटना का पटाक्षेप हुआ।
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