जयपुर। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जयपुर जेल के एक बंदी के दांत का दर्द दो साल से जेल विभाग पर भारी पड़ रहा है। जयपुर के रामगंज निवासी इस बंदी की हरकतों से परेशान होकर तीन साल पहले उसे जयपुर से जोधपुर जेल शिफ्ट किया गया था। कुछ दिनों बाद वह दांत दर्द के इलाज के नाम पर वापस जयपुर आ गया और करीब दो साल का समय निजी अस्पताल में ही (परिजनों के बीच) गुजार लिया। हाल ही जेल विभाग के उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुंची तो मामला चर्चा में आया और जयपुर जेल वालों को डांट पड़ी। बंदी को अब जोधपुर जेल शिफ्ट कर दिया गया है।
दांत दर्द के नाम पर बनीपार्क स्थित एक निजी अस्पताल में लम्बा समय बिताने वाला यह बंदी रामगंज इलाके का निवासी मोहम्मद मोहसीन खान उर्फ एमएम खान (55) है। वह वष्ाü 2004 से जयपुर जेल में सजा काट रहा था। मोबाइल के इस्तेमाल और बंदियों में मारपीट की घटनाओं से परेशान होकर तीन साल पहले उसे जोधपुर जेल शिफ्ट किया गया। उसे जोधपुर जेल रास नहीं आई और उसने कोर्ट में दांत दर्द के उपचार के लिए गुहार लगाई।
कोर्ट ने अनुमति क्या दी, एमएम खान की तो लॉटरी निकल पड़ी। वापस जयपुर जेल आ गया और यहां से उपचार के लिए लम्बे समय तक निजी अस्पताल में भर्ती रहा। हाल ऎसा हो गया कि वष्ाü 2010 और 2011 में उसने जेल में कम और अस्पताल में ज्यादा दिन काटे। एकाध दिन जेल में काटने के बाद वापस चार-पांच दिन के लिए अस्पताल में भर्ती हो जाता और डॉक्टर भी उसके मर्ज की पर्ची पर हर बार रिव्यू लिखते रहे। दांत दर्द के नाम पर लम्बे समय निजी अस्पताल में भर्ती की शिकायत जेल डीजीपी और जेल मंत्रालय तक पहुंची, तो जयपुर जेल प्रशासन की खिंचाई हुई। अब एमएम खान को वापस जोधपुर शिफ्ट कर दिया गया है, वहां से उसे पुलिस गार्ड निगरानी में डॉक्टर को दिखाने लाती है और फिर ले जाती है।
पड़ोसी की हत्या की थी
एमएम खान ने 1993 में रामगंज इलाके में सरेआम पड़ोसी शहाबुद्दीन की हत्या की थी। वष्ाü 2004 में कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
&दांतों की बीमारी के मामले में लंबे समय तक भर्ती रहने की बात समझ में नहीं आती। उपचार के बाद हाथोंहाथ ही छुट्टी दे दी जाती है। -डॉ. राजीव शर्मा, दंत चिकित्सक, कांवटिया अस्पताल
|
|
|
|
|
|
|