जयपुर। मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी आरएमपी पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। मंगलवार को पुलिस ने हसनपुरा स्थित कंपनी का कार्यालय सील कर दिया। दूसरी तरफ पुलिस गिरफ्त में आए चार आरोपियों- डिस्ट्रीब्यूटर, फ्रेंचाइजी हैड व एजेंट को कोर्ट ने एक दिन के रिमांड पर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस अब उनसे ठगी के ताने-बाने का पता लगा रही है।
डीसीपी (पश्चिम) शरत कविराज ने बताया कि आरएमपी कंपनी के 17 विष्णु कॉलोनी, हटवाड़ा रोड स्थित फ्रेंचाइजी कार्यालय को मंगलवार को सील कर दिया गया।
कोर्ट से सर्च वारंट लेकर इसकी तलाशी ली जाएगी और फर्जीवाड़े के दस्तावेजी साक्ष्य बरामद करने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही गिरफ्तार चारों आरोपियों एलएन जाखड़, हष्ाüवर्घन जैन, कैलाश साहू और प्रभातीलाल कुमावत को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के घर से भी कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं।
नानूनगर, मुरलीपुरा निवासी रामबाबू भारद्वाज ने 24 दिसंबर को मुरलीपुरा थाने में आरएमपी कंपनी और डिस्ट्रीब्यूटर, फ्रेंचाइजी हैड एवं सदस्य बनाने वाले एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को मुरलीपुरा थाना पुलिस ने डिस्ट्रीब्यूटर सीकर निवासी एलएन जाखड़, नींदड निवासी हष्ाüवर्घन जैन, जयपुर फ्रेंचाइजी हैड कैलाश साहू और एजेंट प्रभातीलाल कुमावत को गिरफ्तार किया था।
इधर, आरएमपी के डिस्ट्रीब्यूटर, फ्रेंचाइजी हैड और एजेंट की गिरफ्तारी के बाद निवेशकों में खलबली मच गई है। सोमवार को तो कंपनी के कुछ स्थानीय कर्ताधर्ताओं ने निवेशकों को मोबाइल पर मैसेज कर अधिक से अधिक संख्या में पुलिस कार्रवाई के विरोध के लिए जुटा लिया था। मंगलवार को भी ऎसे ही प्रयास किए गए, लेकिन लोग एकत्रित नहीं हुए। निवेशकों और ठगी के शिकार लोगों में कंपनी की छवि को लेकर संदेह पैदा होने के कारण वे अपनी कारगुजारी में सफल नहीं हो पाए।
अब डायरेक्टर्स की धरपकड़ की तैयारी
जयपुर पुलिस ने आरएमपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर और एजेंटों को दबोचने के बाद कंपनी के डायरेक्टर्स की धरपकड़ की तैयारी कर ली है। कंपनी के डायरेक्टर्स चेन्नई में हैं। ऎसे में पुलिस अधिकारी एक टीम गठित कर चेन्नई में धरपकड़ की तैयारी कर रहे हैं।
राजस्थान में पैतृक निवास बता ठगते थे
आरएमपी के शिकार हुए लोगों ने पुलिस को बताया कि कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर और एजेंट कंपनी के राजस्थान में सबसे अधिक सदस्य बनाने का दावा करते थे और इसके पीछे डायरेक्टर्स का राजस्थान से जुड़ाव का तर्क देते थे। कंपनी की तरफ से होने वाली वीकली मीटिंग में बताया जाता था कि कंपनी के डायरेक्टर प्रवीण जे चंद्रा का पैतृक निवास जालौर जिले में है और वे राजस्थान वासियों को अधिक से अधिक लाभ देने की इच्छा रखते हैं।
बचने के लिए सदस्य बनना पड़ा
रिसोर्स, पावर और मनी जिन तीन दमदार शब्दों का प्रयोग कर मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी आरएमपी ने हजारों लोगों को अपने जाल में फंसाया, उसके शिकार लोग इसे रोजाना माथापच्ची से बचने के लिए सदस्य बनने की बात कह रहे हैं। कंपनी की जालसाजी के शिकार दर्जनों लोगों ने मंगलवार को मुरलीपुरा थाने पहुंच कर पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और बताया कि कैसे कंपनी के एजेंट नए लोगों को इसमें फांसने के लिए रोजाना उनसे इतनी माथापच्ची करते थे कि आखिरकार शिकार उनके जाल में फंस ही जाता था। आरएमपी का मैंबर बनाने वालों ने अपने रिश्तेदार और उनके भी परिचितों तक को नहीं छोड़ा।
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