जयपुर। मामूली से दुकानदार व जीप ड्राइवर ने चंद वष्ाोü में झांसेबाजी करके अकूत संपत्ति कमाई और ड्राइवर ने तो खुदका हवाई जहाज (चार्टर प्लेन) ही खरीद डाला। ज्यादा समय तक इनका खेल नहीं चला और आखिरकार सोमवार की रात धोखाधड़ी के आरोपों से घिरे आरएमपी एन्फोटेक प्रा. लि. कंपनी के तीन प्रमोटर व एक डिस्ट्रीब्यूटर धरे गए। अपने साथियों की गिरफ्तारी से बौखलाए इस मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी के अन्य डिस्ट्रीब्यूटरों ने सीकर रोड सवा दो घंटे जाम कर दिया। मुरलीपुरा थाना पुलिस ने रास्ता जाम करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
डीसीपी (वेस्ट) शरत कविराज ने बताया कि कंपनी के गिरफ्तार आरोपी प्रमोटर हष्ाüवर्घन जैन (31) निवासी नींदड हरमाड़ा, लक्ष्मी नारायण जाखड़ (41) ढांसा की ढाणी सदर सीकर, प्रभाती लाल कुमावत (41) आलीसर गोविंदगढ़ जयपुर तथा डिस्ट्रीब्यूटर कैलाशचंद तेली (35) धानमंडी उदयपुर हाल विष्णु कॉलोनी सोढाला के रहने वाले हैं।
इनके खिलाफ 25 दिसंबर 2011 को मुरलीपुरा निवासी रामबाबू भारद्वाज सहित करीब एक दर्जन लोगों ने मुरलीपुरा थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। जिसमें पीडितों ने बताया कि आरोपियों ने उनकी जान पहचान अल्का सिनेमा आयोजित एक सेमिनार में हुई। आरोपियों ने प्रत्येक व्यक्ति से आठ-आठ हजार रूपए लेकर कंपनी का सदस्य बनाया और एक घड़ी व दो अन्य चीजें दी। साथ निवेश की रकम तीन साल में तिगुनी करने का झांसा दिया। समय पूरा होने पर भी उन्हें रकम नहीं लौटाई गई और ना ही लाभांश मिला। मुकदमा दर्ज होने के बाद झोटवाड़ा एसीपी नरोत्तम लाल वर्मा ने पीडितों के बयान दर्ज किए और जांच कर चारों आरोपियाें को गिरफ्तार कर लिया।
कॉन्ट्रेक्टर से बना प्रमोटर
आरोपी हष्ाüवर्घन जैन ने करीब पांच साल पहले ही आरएमपी कंपनी ज्वाइन की थी। इससे पहले वह मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज में कॉन्ट्रेक्टर था।
डायरेक्टर फरार
कंपनी का मुख्यालय चेन्नई में है। इसका निदेशक प्रवीण जे. चंदन है। कुछ दिनों पहले आंध्र प्रदेश में आरएमपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, तब से चंदन फरार है।
गिरफ्तारी के विरोध में जाम
गिरफ्तारी की सूचना जैसे ही कंपनी के अन्य डिस्ट्रीब्यूटरों को लगी तो वे झोटवाड़ा एसीपी कार्यालय पहुंचे और चारों को गिरफ्तारी को गलत बताते हुए सीकर रोड जाम कर दिया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर विभिन्न मार्गो से निकाला। करीब सवा दो घंटे घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश कर रास्ता खुलवाया। लोगों ने शाम 7.30 बजे से 9:45 बजे तक रास्ता जाम रखा। देर रात पुलिस ने रास्ता जाम करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
नोटिस का जवाब देने आए धर लिया
लोगों का आरोप है कि पुलिस ने चारों को 18 जनवरी को एक नोटिस भेजा था। जिसका जवाब देने के लिए वे एसीपी कार्यालय आए थे लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले भी पुलिस ने चारों को दो बार नोटिस भेजा था। जिसमें पुलिस ने उनसे कंपनी का मैमोरेंडम व अन्य जानकारी मांगी थी, जो उपलब्ध करवा दी गई थी।
ऎसे हुए मालदार
लक्ष्मी नारायण जाखड़ ने दसवीं पास कर आईटीआई की थी। पांच साल पहले वह मामूली जीप चालक था लेकिन कंपनी से जुड़ने के बाद आगे बढ़ता ही चला गया। जाखड़ ने कंपनी के सेमिनार में जाने के लिए करीब पांच माह पहले एक चार्टर प्लेन खरीदा है। कैलाशचंद तेली उदयपुर में अपनी दुकान चलाता था। कुछ समय पहले ही वह कंपनी से जुड़ा। अच्छा टारगेट अचीव करने पर उसे राजस्थान का डिस्ट्रीब्यूटर बना दिया गया। कैलाशचंद का काम कंपनी में जुड़ने वाले सदस्यों को सामान देने का था।
|
|
|
|
|
|
|