जयपुर । देश व प्रदेश में कांग्रेस संगठन की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चन्द्रभान के बीच मतभेद उभर कर सामने आ गए हैं। गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस आज भी मजबूत है, कल भी मजबूत रहेगी। इसे कोई कमजोर कर ही नहीं सकता। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में गहलोत ने कहा कि चुनाव हारना-जीतना अलग बात है। कांग्रेस ने कई बार सत्ता से बाहर रहना पसंद किया, परंतु कभी समझौते नहीं किए। यह कोई कम बात नहीं है। आज राजनीतिक दल सत्ता में आने की खातिर नापाक गठबंधन करते हैं। कांग्रेस हटाओ के नाम पर भाजपा जैसे सांप्रदायिक दल के साथ समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नाडीस, नीतीश कुमार, मुलायम सिंह सब साथ आ गए थे, लेकिन इन पार्टियों के बारे में लोग धीरे-धीरे समझ गए हैं कि इनकी नीति व नीयत में फर्क है।
यह बोले थे प्रदेशाध्यक्ष
प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रभान ने पिछले दिनों पार्टी के कई कार्यक्रमों में कहा है कि कांग्रेस अब उतनी मजबूत नहीं रही है जितनी होनी चाहिए। पार्टी को सत्ता में आने के लिए दूसरे दलों से सहयोग लेना पड़ा है, जबकि किसी जमाने में पार्टी अपने बलबूते सरकार बना लेती थी। कार्यकर्ता किसकी मानें मुख्यमंत्री गहलोत व प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रभान के एक-दूसरे के विपरीत बयानों से पार्टी के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी असमंजस में हैं कि वह किसकी मानें और कैसे काम करें। अब प्रदेश कांग्रेस की समन्वय समिति की 22 जनवरी की शाम चार बजे से होने वाली बैठक में भी दोनों नेताओं के बयानों पर चर्चा की जाएगी।
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