गरमी की ताप ने जीना मुहाल कर रखा है। एसी के सम्मोहन में दफ्तर पहुचने वालों की संख्या गिनीज बुक में दर्ज करने लायक हो चुकी है। जो लोग एसी के आशीर्वाद से वंचित है, वो सभी इस गरमी से बचने के लिए मन-ही-मन अलाद््दीन के जादुई चिराग की तलाश कर रहे हैं। इस जादुई चिराग की महिमा से यदि सेलिब्रिटी बन जाते, तो फिर क्या कहने ! इसकी वजह यह है कि इस भयंकर गरमी में एकमात्र वही ऎसे नाच-गा रहे हैं, जबकि बेचारे हमारे भ्रष्ट राजनेता उनसे ज्यादा पैसा कमाकर भी चुप रहते हैं, क्योंकि वो गरीब जनता से कमाया हुआ चोरी का पैसा होता है। ऎसे में हमारे सितारे उन्हें चिढ़ा-चिढ़ा कर इस गरमी में एंजॉय, समर-एंजॉय समर का राग अलाप रहे हैं। निश्चित तौर पर यह कोई जादू या तंत्र-मंत्र का करिश्मा नहीं है, सिर्फ अनुशासन में रहने की वजह से उन्हें यह राग अलापने की शक्ति मिली है। सटीक डायट, शरीरचर्या, मौसम के मुताबिक प्रसाधन और परिधान, लगातार मेहनत के बाद थोड़ा भ्रमण...बस इन्हीं बातों का ध्यान रखकर वो गरमी में भी ठंडा-ठंडा, कूल-कूल का मजा ले रहे हैं। भई, क्या ठाठ हैं...वाकई जिंदगी हो, तो फिल्मी सितारों की तरह...
पानी, जूस और हरी सब्जियां... जब तक आपका शरीर अंदर से स्वस्थ नहीं है, इस गरमी में स्पा पार्लर में जाकर ढेरों पैसा खर्च करके भी मोम जैसी त्वचा पाना मुमकिन नहीं है। लीवर की कार्यप्रणाली गड़बड़ाने पर सब कुछ किया-धरा बेकार हो जाता है। कैटरीना, करीना, प्रियंका, ऎश्वर्या, बिपाशा बसु, जॉन अब्राहिम, सैफ अली खान, आमिर खान, शाहरूख खान, अभिषेक बच्चन आदि सारे बड़े सितारों को मेक-अप से भरा चेहरा लेकर शूटिंग के लिए इधर-उधर चक्कर मारना पड़ता है। ऎसे में नींद और आराम का कोई ठिकाना नहीं रहता है। अपने डायट और शरीरचर्या को लेकर ये सितारे बहुत संयमी और सजग हैं। ऎसे में कूल रहने के लिए सभी का एक ही फंडा है, गैलन-गैलन भरकर पानी पीना। "धूम-2" की शूटिंग से पहले बिपाशा ने शरीर को संतुलित रखने की जो शपथ ली थी, उसका अक्षरश: पालन वो आज तक करती आ रही हैं। जिम और एक्सरसाइज के साथ-साथ गरमी में उनके भोजन में चावल बिल्कुल नहीं होता है। इन दिनों जितना भी संभव होता है, वो मांसाहारी भोजन से दूर रहती हैं। शूटिंग के बीच में सलाद, नारियल पानी, फलों का जूस या बहुत हुआ तो ब्राउन ब्रेट को वो अपने डायट में शामिल करती हैं। साइज जीरो की जन्मदाता करीना कपूर के बारे में मशहूर है कि वो पूरे दिन में सिर्फ एक संतरे का सेवन करती हैं। इस गॉसिप का खंडन खुद करीना भी करती हैं। करीना के डायटीशियन के मुताबिक इन दिनों वो बीच-बीच में सलाद,फलों का रस, खट््टे दही का हल्का घोल और थोड़ा-सा मसालाविहीन पनीर खाती हैं। योग-व्यायाम, लंबी दौड़, कार्डियो के साथ हर दिन सूर्यप्रणाम भी करती हैं। गरमी के दिनों में सुबह नींद से जागने के बाद थोड़े-थोड़े अंतराल में अभनेत्री ऎश्वर्या छह से आठ गिलास पानी पीती हैं। हरी सब्जी, फलों का जूस और अत्यंत संतुलित भोजन उनके समर कूल का मूलमंत्र है। इस मामले में अभिनेत्री विद्या बालन का अंदाज थोड़ा-सा भिन्न है। वो दो-दो घंट के अंतराल में कुछ हल्का-फुल्का खा लेती हैं। साथ में पर्याप्त पानी या फलों का रस भी पीती रहती हैं। रानी ने भी इधर पूरी-भाजी का लोभ त्याग कर पूरी तरह से सादे भोजन पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। अब सादा चावल की बजाय ब्राउन राइस वो ले रही हैं। इसी के साथ नियमित तौर पर व्यायाम भी जारी है। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का समर कूल फंडा बहुत दिलचस्प है। इन दिनों वो भरपेट और मसालेदार भोजन से अपने आपको बहुत दूर रखती हैं, साथ ही खुले आकाश के नीचे एक्सरसाइज करना उन्हें पसंद है। दीपिका पाडुकोण गरमियों में जमकर हरी सब्जी और नींबू पानी लेती हैं। महीने में दो बार वो स्पा जाती हैं। यह बातें ग्रीष्म में दीपिका के लिए रूटीन बन जाती हैं। वैसे इन दिनों ज्यादातर सितारे जिम में ज्यादा वक्त बिताना पसंद नहीं करते हैं। शाहरूख, सैफ ,जॉन, रणबीर आदि सभी बड़े सितारे मसालेदार भोजन को सायोनारा कहकर इन महीनों में फल, साग-सब्जी, जूस-शर्बत आदि के शरण में जाकर गरमी से निजात पाने की कोशिश करते हैं। कॉटन ड्रेस, हल्का मेक-अप... संतुलित डायट और शरीरचर्या के साथ-साथ हल्का परिधान, हल्का मेक-अप, इधर यही उनका वेद वाक्य है। इन दिनों कैटरीना हल्का पीला शर्ट पहनना पसंद करती हैं। शिल्पा शेट््टी को गुलाबी रंग के लेसवाली ड्रेस पहनना अच्छा लगता है। ग्रीष्म में टी-शर्ट से लेकर स्कर्ट,चप्पल से लेकर बेल्ट सभी में जंगल के परिदृश्य वाले डिजाइन लारा को बहुत पसंद हैं। करीना इस मौसम में कटकी, गुजराती या कोई एथनिक डिजाइन वाले सूती कपड़ों के परिधान पहनना पसंद करती हैं। दीपिका हल्के -फुल्के और ढीले-ढाले फ्लोरल सूती कपड़े की टॉप और जींस पहनती हैं। दूसरी ओर सोनम को खाकी के वस्त्रों से बहुत राहत मिलती है। इस मौके पर शाहरूख, डिनो मारिया, कुणाल कपूर, इमरान खान आदि ज्यादातर हीरो का पसंदीदा परिधान है जींस टी-शर्ट या हल्के रंग के सूती प्लेन चेक शर्ट के साथ लेनिन ट्राउजर और कॉटन कार्गो। चलो चलें, कहीं दूर चलें... काम के दबाव में परिवार को समय देने के लिए सितारों को एक तरह से कठिन तपस्या करनी पड़ती है, लिहाजा ज्यादातर सितारे गरमियों में कुछ काम कम कर परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं। लगभग हर साल बेटे आर्यन और बेटी सुहाना को लेकर शाहरूख-गौरी छुट्टी मनाने के लिए लंदन जाते हैं। सलमान, लारा, अजय देवगन, अक्षय खन्ना का मनपसंद समर डेस्टिनेशन है लंदन, जबकि अरबाज-मलयका को बार-बार डिज्नीलैंड जाना पड़ता है, क्योंकि बेटा अरहान मिकी माउस का भक्त है। वैसे इन दोनों का ही पसंदीदा पर्यटन स्थल है बाली और गोवा। अभी पिछले साल ही वो डिज्नीलैंड से सीधे उड़कर बाली पहुंच गए थे। इस मामले में रितिक थोड़ा पीछे हैं। पूरे साल इस तरह से प्लानिंग करके उनका घूमना नहीं होता है। ग्रीष्म में पैक-अप शब्द सुनते ही वो अपने दोनों बेटे और पत्नी सुजैन को लेकर विदेश में किसी रंगीन जगह में चले जाते हैं। अक्षय कुमार रंगीन की बजाय कुछ अलग हटकर जगह में जाना पसंद करते हैं। कभी परिवार के साथ बैंकॉक तो कभी मिश्र चले जाते हैं। वैसे गरमी में बाहर घूमने की बजाय घर में मौजूद स्वीमिंग पुल में बेटे और पत्नी के साथ तैरना उन्हें ज्यादा अच्छा लगता है। रणबीर कपूर भी बाहर घूमने की बजाय घर में रहकर रिलैक्स करने के ज्यादा पक्ष में है। दीपिका हर बार गरमी में बिला-नागा साउथ फ्रांस में अवश्य घूमने जाती हैं। इस बार वो अपना प्लान बदल रही हैं। कुणाल कोहली और प्रदीप सरकार की फिल्म की शूटिंग खत्म कर वो दोस्तों के साथ लेह लदाख की ट्रेक पर निकल पड़ेगी। खैर, इस घूमने-फिरने की सूची बहुत लंबी है। आम जिंदगी में इन सितारों के समर स्पेशल का फंडा अपनाने के लिए निश्चित तौर पर हमें और आपको किसी अलाद््दीन के चिराग की जरूरत पड़ेगी। -मुंबई से असीम सैर-सपाटे के मामले में सैफ अली खान और करीना की पसंद अलग-अलग है। सैफ के दिलो-दिमाग में जहां लंदन बसता है, वहीं करीना की पसंद न्यूजीलैंड और पेरिस हैं। चर्चा है कि वे दोनों इस गरमी में इटली या फिर न्यूयॉर्क जाएंगे। दरअसल सैफ अपने होम प्रोडक्शन की फिल्म एजेंट विनोद की यहां शूटिंग भी करने वाले हैं। मई के आखिर तक ये दोनों हॉट कपल शूटिंग के साथ छुट्टी का लुत्फ उठाएंगे। बिप्स इन पेरिस... अभी कुछ माह पहले मैं अपने बॉयफ्रैंड जॉन के साथ आस्टे्रलिया में एक छोटी-सी छुट््टी मना कर लौटी हूं। अब इस गरमी में मैं पेरिस में कुछ दिन छुियां बिताना चाहती हूं। मुझे पेरिस की सुंदरता खूब आकçष्ाüत करती है। आज यदि कोई निर्माता शक्ति सामंत की चर्चित फिल्म "एन इवनिंग इन पेरिस" का री-मेक बनाना चाहे, तो मैं उसमें मुफ्त में काम करने के लिए तैयार हूं। रोमांस, फैशन, कला और मौज मस्ती, हर मामले में इस शहर का कोई जवाब नहीं। सुपर मॉडल प्रतियोगिता के शुरूआती दिनों में यहां कुछ दिन बिताने का मौका मिला था। मौका मिलते ही यहां के म्यूजियम में जा कर कालजयी कलाकारों की पेंटिंग देख कर मैं सारा दिन बिता देती थी। यहां कुछ उभरते हुए कलाकारों ने सामने से आकर मेरा पोट्रेट बनाया था। कितनी बार सेन नदी के किनारे घूमी हूं, पता नहीं। मूलारोज, ला वारोक , ला बैग जैसी जगहों पर रात बिताई है। लुभरंग म्यूजियम और नतर दाम कैथ्रीडेले जैसी जगहों पर बार-बार जाना चाहती हूं।" लहरों की मस्ती में न्यूजीलैंड के प्रति मेरा लगाव सर्वविदित है। "कहो ना प्यार है" की शूटिंग के सिलसिले में मैं पहली बार न्यूजीलैंड गया था। पहली नजर में इस देश से प्यार हो गया। तब क्वींसलैंड में इस फिल्म की शूटिंग समाप्त होने के एक हफ्ते बाद भी मेरा देश लौटने का मन नहीं हुआ था। इसके बाद मुझे जब भी मौका मिलता, मैं न्यूजीलैंड का चक्कर लगाता रहता हूं। पिछले एक साल से मेरा वहां जाना संभव नहीं हुआ है, पर इस गरमी में सपरिवार वहां छुट््टी मनाने का मेरा इरादा है। मैं अब तक इतनी बार न्यूजीलैंड गया हूं कि इस देश की छोटी से छोटी जानकारी मेरे पास है। सुना है पूरे देश के अस्सी प्रतिशत लोग पर्यटक हैं। वो घूमने के लिए आए थे और यहीं स्थायी रूप से रहने लगे। यहां मैं जितने दिन रहता हूं पूरे मन से जेट बोट राइड (नौकायन) हेली काप्टर और स्कीइंग का आनंद लेता हूं। क्वींसलैंड से पंद्रह किलोमीटर दूर डनहम डियर पार्क है। सारे विश्व में हिरणों का इतना सुंदर अभयारण्य शायद ही कहीं हो। द्वीपों की रानी जल्द ही मेरी फिल्म "नो वन किल्ड जेसिका लाल" की शूटिंग पूरी हो जाएगी। इसके बाद मैं पंदह -बीस दिन पूरे परिवार के साथ फुरसत के कुछ पल बिताना चाहूंगी। जहां मेरे साथ मेरी प्यारी भतीजी मिष्ठी तो होगी ही। वैसे बचपन से ही किसी द्वीप में छुट्टी मनाने में मुझे बहुत मजा आता रहा है। समुद्र से घिरा और नारियल के अनगिनत पेड़ों से सजा समुद्र देखने के लिए मेरा मन बेताब रहता है। कुछ साल पहले एक शूटिंग के सिलसिले में माइकोनोस द्वीप जाना पड़ा था। यकीन मानिए, यदि गरमी में आपने इस शहर को देखा है, तो जाड़े के मौसम में यहां जाने पर आप इसे पहचान नहीं पाएंगे। इस द्वीप के सारे घरों का रंग हल्का नीला है, जबकि पास के ही सेंटीरिनी द्वीप के सारे घरों का रंग हल्का लाल है। यहां मैंने इतनी सारी मछलियों का स्वाद चखा कि उनमें से कई का नाम मैं भूल चुकी हूं। अब पूरे परिवार की इच्छा है कि इन गरमियों में भी हम वहां छुट््टी मनाने जाएं। वैसे न्यूजीलैंड भी इतना खूबसूरत है कि वहां बार-बार जाने की इच्छा होती है।
|
|
|
|
|
|
|