Daily News
Tuesday, 07 February, 2012
 |   |   |   |   |   |   |   |   |   |   | 
सितारा हैसियत
Saturday, July 10, 2010, 15:49 hrs IST
Email Print Comment min  max | Bookmark and Share
Left
fm
Left
भारत में आमिर आगे ओवरसीज में शाहरूख...खतरे में किंग खान की बादशाहत
ऎसे बनी स्टार बैलेंस शीट
प्रस्तुत चार्ट पिछले तीन सालों में बॉलीवुड के सितारों के लीजेंड्री स्टेटस और बॉक्स ऑफिस की बैलेंस शीट पर आधारित है।
चार्ट में उन्हीं कलाकारों को शामिल किया गया है, जिन्होंने गत तीन साल में कम से कम तीन फिल्मों में लीडिंग रोल किए हैं।
वल्र्डवाइड थिएटर से हुए कुल कलेक्शन के शेयर्स के आधार पर सितारों की बॉक्स ऑफिस पर वर्तमान रैंक का निर्धारण किया गया है।
चार्ट में उन फिल्मों को शामिल नहीं किया गया है, जो तय समय पर रिलीज ना होकर देर से रिलीज हुई हैं।
रितिक रोशन की इस दौरान केवल दो फिल्में ही रिलीज हुई हैं, जबकि चार्ट में शामिल होने के लिए फिल्मों की न्यूनतम संख्या तीन है लिहाजा उनकी 2006 में रिलीज धूम 2 को शामिल कर एवरेज निकाला गया।
रावण और राजनीति दोनों ताजा प्रदर्शित फिल्में हैं। इन दोनों फिल्मों के आंकड़े मौजूदा बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के आधार पर लिए गए हैं।
राजनीति ब्लॉकबस्टर
अमिताभ बच्चन के बाद पहली बार किसी अभिनेता को नंबर वन की उपाधि से नवाजा गया है। जी हां, वो हैं मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान। गौरतलब है कि आमिर की गत तीन साल में प्रदर्शित सभी फिल्में ब्लॉकबस्टर रही हैं। हालांकि इससे पहले तक शाहरूख खान को नंबर वन माना जाता रहा है, मगर बॉक्स ऑफिस में उनकी हैसियत दूसरे नंबर पर है। यहां सिने प्रेमियों को थोड़ा ताज्जुब जरूर होगा कि भारतीय फिल्म ट्रेड ने जिन टॉप-12 नायकों की नेट कलेक्शन के आधार पर सूची जारी की है, उसमें अमिताभ बच्चन का नाम नहीं है। माना जा रहा है कि अब उनकी गिनती बुजुर्ग अभिनेताओं में होने लगी है। लेकिन बिग बी और उनके प्रशंसकों के लिए खुशी की बात यह है कि स्टारडम की इस सूची में अभिषेक बच्चन को स्थान मिला है। निर्माताओं से सबसे ज्यादा मेहनताना मांगने वाले अक्षय कुमार की हैसियत में काफी गिरावट आई है। रितिक रोशन तीसरे नंबर पर हैं। 2010 का गुजरा आधा साल रितिक के लिए सफलता के लिहाज से अच्छा नहीं रहा। काइट्स को ओपनिंग जबरदस्त मिली, मगर दर्शकों ने सिरे से खारिज कर दिया।
बहरहाल इस साल सिने जगत को राजनीति के रूप में एक ब्लॉकबस्टर फिल्म मिली है। यह तीसरी बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म है। दूसरी ओर इसी साल प्रदर्शित फिल्म माय नेम इज खान को सुपरहिट से ही संतोष करना पड़ा। इस साल अब तक तकरीबन 70 फिल्में प्रदर्शित हुईं, जिसमें सफलता का औसत मात्र पांच प्रतिशत है। जिन बड़ी फिल्मों से काफी उम्मीदें थीं और वो बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी, उनमें रावण, वीर, पाठशाला, तीन पत्ती, प्रमुख हैं। काइट्स को मल्टीप्लैक्स संस्कृति ने डूबने से बचा लिया। अलबत्ता बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के आधार पर काइट्स को हाउसफुल और प्रिंस के साथ हिट श्रेणी में रखना सही होगा।
गौरतलब है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल रिलीज फिल्मों की संख्या ज्यादा है, मगर सफलता की दृष्टि में हकीकत कम, फसाना ज्यादा है। असल में सिने जगत हाथी के दांत की तरह है, जहां होता कुछ है दिखता कुछ और है। यहां विफलता का डंका पीटा जरूर जाता है, मगर मौजूदा दौर में कोई भी फिल्म फ्लॉप होने के वाबजूद घाटे में नहीं रहती। हां, इस साल प्रदर्शित फिल्म वीर के बारे में जरूर कहा जा सकता है कि इसने सलमान को जबरदस्त झटका दिया है। यूं तो जो फिल्म सफल होती है उसका अंदाजा पहले दिन ही लग जाता है, मगर छोटी व फ्लॉप फिल्मों को मुनाफा निकालने में करीब एक सप्ताह लग जाता है। यह मल्टीप्लैक्स संस्कृति का दौर है...कोई भी निर्माता घाटे के बारे में नहीं सोचता। आज जब भी कोई निर्माता-निर्देशक फिल्म बनाने की घोषणा करता है, उससे पहले ही फिल्म की लागत और मुनाफे के सभी पहलुओं पर टेबल वर्क कर किया जाता है। जरा सोचिए, यदि फिल्म काइट्स 80 या 90 के दशक में रिलीज हुई होती, तो इसका क्या हश्र होता? खैर, यहां प्रस्तुत चार्ट को देखिए और जानिए अपने फेवरिट हीरो की रैंक।
More Stories Top News
fm news थोड़ा, प्रैक्टिल हो जाओ प्रतीक
fm news रिश्तों की भूल-भुलैया
fm news अग्निपथ पर रितिक
fm news बनूंगी भारतीय शकीरा
fm news 70 एमएम प्लस 30 = ए फैक्टर
fm news उम्मीदें 2012
fm news क्या खोया क्या पाया
fm news मेरी प्रेमिका मेरी मनोचिकित्सक
fm news तू नहीं तो और सही
fm news इंसिक्योरिटी...नो यार
Copyright © Daily News. All rights reserved.