जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति को देखते हुए बजट में पेट्रोल-डीजल की दरों में कमी नहीं की जा सकी है तथा मूल्य वर्धित कर (वैट) में एक प्रतिशत की वृद्धि से महंगाई नहीं बढ़ेगी।
बजट प्रस्तुत करने के बाद गहलोत ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने बजट में गरीब, पिछड़े, अल्पसंख्यक, शोषित-पीडित वर्ग व आमजन का ध्यान रखा है। कांग्र्रेस घोषणा पत्र में उल्लेख करने के बाद भी पेट्रोल-डीजल पर कर कम नहीं करने के बारे में उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश की आर्थिक स्थिति इस लायक नहीं है। जनता भी स्थिति जानती है।
महंगाई का संबंध मांग व आपूर्ति से अकालग्र्रस्त राज्य के बावजूद वैट दर बढ़ाने पर उन्होंने कहा कि अकाल प्रबंधन में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, मगर वैट पर ज्यादातर राज्यों ने दर पांच फीसदी से ज्यादा ही कर रखी है।
गुजरात, मध्यप्रदेश, दिल्ली आदि कई राज्यों में पांच फीसदी व इससे ज्यादा वैट लागू है। उन्होंने वैट दर बढ़ाने से महंगाई बढ़ने की आशंका को नकारते हुए कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। महंगाई का संबंध मांग एवं आपूर्ति से है।
बिजली दर नहीं बढ़ाने पर कायम हर माह सौ यूनिट बिजली का उपभोग करने वाले शहरी उपभोक्ताओं पर दस पैसे प्रति यूनिट उपकर लगाने के संबंध में गहलोत ने कहा कि इससे होने वाली आय का इस्तेमाल सफाई एवं स्ट्रीट लाइटों पर होगा। उन्होंने गांवों में किसानों के लिए बिजली दर नहीं बढ़ाने का संकल्प लिया है और उस पर वे कायम हैं।
पहली बार समय पर प्रमोशन जयपुर एवं जोधपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के संबंध में गहलोत ने कहा, "उत्तरप्रदेश, गुजरात जैसे कई राज्यों में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है। हमने पहली बार समय पर प्रमोशन किए हैं, हमारे पास इस प्रणाली को लागू करने के लिए अच्छे अधिकारी मौजूद हैं।"
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