जयपुर। बच्चों के दिल और दिमाग की हर बीमारी का इलाज अब जयपुर में हो सकेगा। इसके लिए जेके लोन अस्पताल में जल्द ही पीडियाट्रिक सुपरस्पेशलिटी विंग बनाई जाएगी। इससे राज्य के लोगों को बच्चों के दिल के जटिल ऑपरेशनों के लिए दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। एसएमएस अस्पताल में बच्चों के दिल और दिमाग की कई बीमारियों के ऑपरेशन किए जाते हैं, लेकिन ये पीडियाट्रिक सुपरस्पेशलिस्ट नहीं करते हैं।
इस कारण कई बार मामला गंभीर होने पर बच्चों को एम्स (नई दिल्ली) रैफर कर दिया जाता है। राज्य सरकार ने बजट-2010 में जेके लोन अस्पताल में गंभीर एवं जटिल शिशु रोगों के उपचार के लिए सुपरस्पेशलिटी विंग की स्थापना करने की घोषणा की है। यह विंग 14 करोड़ रूपए की लागत से बनाई जाएगी। इसके लिए नए वित्त वर्ष में तीन करोड़ रूपए की राशि दी जाएगी।
एसएमएस में बनेगी सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विंग एसएमएस अस्पताल में कैंसर जैसे जटिल रोग के बेहतरीन इलाज के लिए सर्जिकल ऑन्कोलॉजी इकाई बनाई जाएगी। उसके साथ ही पेट की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भी सर्जिकल गेस्ट्रोएंटरोलॉजी यूनिट बनेगी। इन दोनों पर एक-एक करोड़ रूपए की लागत आएगी।
ये होगा सुपरस्पेशलिटी विंग में - पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी - पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी - पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी - पीडियाट्रिक न्यूरोसर्जरी
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