जयपुर। कांग्रेस विधायकों के गुस्से और मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद अब राज्य सरकार के मंत्री जनप्रतिनिधियों की सुनवाई करने लगे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने तो इसके लिए अफसरों को परिपत्र भी जारी कर दिया है।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायकों ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने ही मंत्रियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी। उनका कहना था कि विधायकों की कोई सुनवाई नहीं होती, उनके काम तो दूर मिलने तक का समय नहीं दिया जाता।
विभागों के अफसर भी नहीं सुनते। मुख्यमंत्री ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सभी मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों का पूरा सम्मान करके उनकी सुनवाई की जाए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में महकमे के मंत्री ए.ए. खान के निर्देश पर अधिकारियों को परिपत्र जारी करके जनप्रतिनिधियों को पूरा सम्मान देने के लिए कहा गया है।
चिकित्सा विभाग के सभी संयुक्त निदेशक, सभी सीएमएचओ, अस्पतालों के पीएमओ आदि अधिकारियों से कहा गया है कि विभाग से जुड़े सभी कार्यक्रमों, जरूरी बैठकों आदि के संदर्भ में विधायक, सांसद व अन्य जनप्रतिनिधियों को पहले से सूचित किया जाए।
उन्हें आमंत्रित करने के साथ उनका पूरा सम्मान किया जाए। यह भी निर्देश दिए हैं कि जनप्रतिनिधियों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी तरह मंत्री स्तर व उच्च अधिकारियों, निदेशालय स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों की पूरी सुनवाई की जाएगी। जनप्रतिनिधि यदि किसी भी स्तर पर शिकायत, समस्या लेकर आएं तो उसका प्राथमिकता से समाधान किया जाए।
जनप्रतिनिधियों को पूरा सम्मान मिलना चाहिए। इसलिए हमने विभाग के कार्यक्रम, प्रमुख बैठक आदि में उन्हें पहले से सूचना देने, पूरा सम्मान देने के निर्देश दिए हैं। -डॉ. राजकुमार शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री
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