जयपुर/सवाई माधोपुर। रणथंभौर में दो बाघ शावकों की मौत ग्रामीण और वन्यजीवों के बीच संघर्ष का नतीजा थी। वन विभाग ने दोनों शावकों को जहर देकर मारने के आरोप में रविवार रात दो ग्रामीणों को गिरफ्तार किया। वन अधिकारियों ने इन्हें सोमवार को खंडार की अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी तालड़ा गांव के रामखिलाड़ी गुर्जर और मुकेश गुर्जर हैं। उन्होंने पूछताछ में बताया कि वे मवेशी चराते हैं। चार मार्च को रामखिलाड़ी की दो बकरियां बाघ ने मार दी थी। इससे गुस्साए दोनों ग्रामीणों ने पांच मार्च को मृत बकरियों के बचे हिस्से में कीटनाशक का इंजेक्शन लगा दिया। एक हिस्से को जमीन तथा दूसरे को पेड़ पर लटका दिया। जमीन पर पड़े हिस्से को खाकर ये शावक मर गए।
आधा दर्जन बाघों को खतरा इस समय सवाई मानसिंह अभयारण्य में तीन, चंबल के नजदीक ढीपरी और अंता के नजदीक सुल्तानपुर में एक-एक बाघिन तथा मांसलपुर में एक बाघ है। ये सभी आबादी के नजदीक व कोर एरिया से बाहर हैं।
इनकी भी जान को खतरा है। इनके भोजन-पानी की तलाश और टरेटरी बनाने के लिए आगे बढ़ने की संभवाना है। इससे इनका ग्रामीणों से संघर्ष हो सकता है। रविवार को मरे शावक कुंडेरा रेंज में बाघिन टी-11 के साथ रह रहे थे और कुछ समय पहले ये तालेड़ा क्षेत्र में आ गए थे।
गांव छोड़कर भागे टाइगर वॉच संस्था के कंजर्वेशन बॉयलोजिस्ट धर्मेद्र खांडल के अनुसार तालेड़ा गांव में पांच-छह परिवार रहते हैं, जो घटना के बाद गिरफ्तारी की आशंका से कहीं चले गए। उन्होंने बताया कि वन्यजीवों के मवेशियों को नुकसान पहुंचाने पर मुआवजा नहीं दिए जाने से भी ग्रामीणों में आक्रोश है।
टूरिज्म एंड वाइल्ड लाइफ सोसायटी ऑफ इंडिया के हर्षवर्धन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर बाघों की सुरक्षा के लिए पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण की नीतियों में बदलाव की मांग की है। पीपुल फॉर एनिमल्स के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने भी ऎसे संघर्ष रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की है।
सरिस्का में विशेष सतर्कता सरिस्का डीएफओ सुनयन शर्मा ने बताया कि रणथंभौर की घटना के बाद सरिस्का में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। स्टाफ को ग्रामीणों से निरंतर संपर्क रखने और उन्हें विश्वास में रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि ऎसी घटनाओं को रोका जा सके।
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