जयपुर। जयपुर से बारात लेकर जा रही एक मिनी बस निवाई के पास जीप को ओवरटेक करने पर सामने से आ रहे ट्रक से टकराकर पलट गई। हादसे में 3 जनों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हो गए। गंभीर घायलों को सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डाकोतान का मोहल्ला (बांस बदनपुरा) निवासी नजर मोहम्मद के बेटे शाहिद उर्फ साबू (21) का निकाह टोंक निवासी रूखसार के साथ तय हुआ था। बारात सोमवार सुबह दस बजे रवाना हुई थी। बस में जगह नहीं मिलने पर कुछ बराती छत पर बैठ गए।
निवाई से चार किलोमीटर आगे बरौनी गांव के पास जीप को ओवरटेक करने के बाद सामने से आ रहे ट्रक को देख बस चालक नियंत्रण खो बैठा और बस ट्रक से टकराती हुई पलट गई।
हादसे में श्रीजी त्रपोलिया बाजार निवासी अल्लाहदीन (75), चांदी की टकसाल निवासी वजीर अली (60) और गणगौरी बाजार निवासी जहूर मोहम्मद (75) की मौत हो गई। आसपास के लोगों ने बस में फंसे बारातियों को बाहर निकाला। हादसे के बाद कोहराम मच गया। पुलिस ने घायलों को एंबुलेस से एसएमएस अस्पताल भिजवाया।
एसएमएस में पहुंचे घायल एसएमएस अस्पताल में पहुंचे घायलों में रूकैया, रानी, जायदा, रियान, शाहिद, जोहरा, बंटी, रजिया, रशीद, सकरूद्दीन, इनू, मुजफ्फर, साजिदा, सूर्या, संजू, सलीम, ईदू, तराना, सूरज, अमन, सानिया, लाडो, अब्दुल करीम, शाहीन, अब्दुल शमीम, जहीर, फखर्रूनिशा, नजमा हैं।
रिश्तेदारों का तांता, पुलिस तैनात हादसे की सूचना मिलने के बाद रिश्तेदार और परिजनों का एसएमएस अस्पताल में तांता लग गया। प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए अस्पताल में पुलिस भेज दी। हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर लगा दिए गए। घायलों के आते ही लोग उन्हें इमरजेंसी ले जाते।
एसएमएस अस्पताल में पहुंचे घायलों में किसी का हाथ टूटा, तो किसी का पैर, किसी का सिर फट हुआ था। उन्हें देख रिश्तेदार आंसू नहीं रोक पाए और रोने लग गए। सिक्योरिटी गार्डोü ने भी उन्हें दिलासा दी। शाहिद की मां नजमा तो बार-बार बेहोश हो रही थी।
लगा कि बच नहीं पाएगा घायल सूरज ने बताया कि वह मिनी बस की छत पर बैठा था। बस पलटने पर लग रहा था कि अब वह नहीं बच पाएगा, लेकिन ईश्वर ने उसे बचा लिया। मिनी बस पलटी तो वह छिटककर दूर जा गिरा और संभलते ही अपना दुख भूलकर घायलों की मदद में जुट गया।
सरकार ने दी आर्थिक मदद परिवहन मंत्री बृजकिशोर शर्मा घायलों को देखने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सरकार की तरफ से घायल लोगों को पांच हजार रूपए और मरने वालों के परिवार को बीस हजार रूपए देने की घोषणा की।
अपनों को ढूंढती रही निगाहें घायल लोगों को देखने पहुंचे रिश्तेदार कभी सिक्योरिटी गार्ड से तो कभी डॉक्टर से अपने परिचित का नाम बताकर उसकी कुशलक्षेम पूछ रहे थे। अपने भाई को देखने पहुंचे रिजवान ने कहा कि सभी जगह तलाशने के बाद भी उसका भाई नहीं मिला। यह कहते हुए उसकी रूलाई फूट पड़ी।
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